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India USA: 'हिंद-प्रशांत महासागर की सुरक्षा के लिए भारत अमेरिका प्रतिबद्ध', एरिक गार्सेटी का बयान
Mon, 20 Nov 2023 03:00 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 20 Nov 2023 03:00 PM IST
सार
अमेरिकी राजदूत ने ये भी कहा कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुई टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक में यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट पर भी बातचीत हुई।
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एरिक गार्सेटी
- फोटो : ani
विस्तार
भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी का कहना है कि भारत और अमेरिका हिंद प्रशांत महासागर की सुरक्षा और उसे समावेशी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने इस दिशा में अहम कदम उठाए हैं। अमेरिकी राजदूत ने ये भी कहा कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुई टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक में यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट पर भी बातचीत हुई।
टू प्लस टू बातचीत में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए एरिक गार्सेटी ने कहा कि मुझे लगता है कि टू प्लस टू बातचीत के बाद जारी किए गए साझा बयान से साफ है कि दोनों देश क्वाड और अन्य माध्यमों से हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, समावेश और वहां नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लागू रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही मंत्रियों की बातचीत में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में उपजे मानवीय संकट को लेकर भी बातचीत की गई।
एरिक गार्सेटी ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में जल्द ही अमेरिका की निजी कंपनियां भारत की तकनीकी कंपनियों में निवेश करेंगी। दोनों सरकारों के बीच हो रही बातचीत में अंतरिक्ष, रक्षा और उत्पादन पर भी बात हो रही है। अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने अहम कदम उठाए हैं। भारत और अमेरिका रक्षा के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में भी सहयोग कर रहे हैं।
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एआई के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे दोनों देश
गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका उभरते हुए क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। कई बार हम सिर्फ हथियारों और रक्षा सौदों पर फोकस करते हैं लेकिन सैन्य संचालन स्तर पर दोनों देश तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं और ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं जो पूरे विश्व के लिए अच्छी हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भी सहयोग की बात कही। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत में मौजूद कॉन्सुलेट में स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि वीजा जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लायी जा सके। बता दें कि बीते हफ्ते ही नई दिल्ली में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी समकक्षों लॉयड ऑस्टिन और एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात हुई थी।
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टू प्लस टू बातचीत में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए एरिक गार्सेटी ने कहा कि मुझे लगता है कि टू प्लस टू बातचीत के बाद जारी किए गए साझा बयान से साफ है कि दोनों देश क्वाड और अन्य माध्यमों से हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, समावेश और वहां नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लागू रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही मंत्रियों की बातचीत में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में उपजे मानवीय संकट को लेकर भी बातचीत की गई।
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एरिक गार्सेटी ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में जल्द ही अमेरिका की निजी कंपनियां भारत की तकनीकी कंपनियों में निवेश करेंगी। दोनों सरकारों के बीच हो रही बातचीत में अंतरिक्ष, रक्षा और उत्पादन पर भी बात हो रही है। अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने अहम कदम उठाए हैं। भारत और अमेरिका रक्षा के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में भी सहयोग कर रहे हैं।
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एआई के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे दोनों देश
गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका उभरते हुए क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। कई बार हम सिर्फ हथियारों और रक्षा सौदों पर फोकस करते हैं लेकिन सैन्य संचालन स्तर पर दोनों देश तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं और ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं जो पूरे विश्व के लिए अच्छी हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भी सहयोग की बात कही। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत में मौजूद कॉन्सुलेट में स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि वीजा जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लायी जा सके। बता दें कि बीते हफ्ते ही नई दिल्ली में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी समकक्षों लॉयड ऑस्टिन और एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात हुई थी।