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5 देशों में 6000 किलोमीटर का सफर तय करेगा भारतीय रेलवे
amarujala.com {Presented by: पवन नाहर}
Updated Sat, 04 Mar 2017 01:18 AM IST
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भारतीय रेलवे
- फोटो : youtube
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चीन की तरह भारत भी अंतरमहाद्वीपीय कंटेनर ट्रेन चलाने की योजना पर विचार कर रहा है। इस परियोजना के तहत भारतीय रेलवे 5 देशों से होकर गुजरेगी। इसमें भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान और तुर्की शामिल हैं। कंटेनर ट्रेन ढाका-कोलकाता-दिल्ली-इस्लामाबाद-तेहरान और इंस्ताबुल होकर गुजरेगी। इस पूरे रूट की दूरी 6000 किलोमीटर की है। इस रूट को आईटीआई-डीकेडी (ITI-DKD) नाम से जाना जाएगा।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार भारतीय रेलवे ने 15-16 मार्च को होने वाले उच्चस्तरीय बैठक में साउथ एशियन रेलवे के प्रमुखों को बुलाया है। पाकिस्तान रेलवे के मुखिया जावेद अनवर भी इस बैठक में आमंत्रित है। पाकिस्तान के साथ सिर्फ एक दिक्कत है। पाकिस्तान दिल्ली से लाहौर वाया अटारी तक मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों को जाने की इजाजत देता है लेकिन सुरक्षा कारणों से इस रूट पर कंटेनर ट्रेनों पर पांबदी लगाए हुए है।
हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। भारत ने पिछले साल रेलवे मंत्रालय और कंटेनर कारपोरेशन ऑफ इंडिया की हाईलेवल टीम बांग्लादेश भेजा था। यह टीम प्रस्तावित रूट में होने वाली कठिनाईयों का अध्ययन कर रही है।
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एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार भारतीय रेलवे ने 15-16 मार्च को होने वाले उच्चस्तरीय बैठक में साउथ एशियन रेलवे के प्रमुखों को बुलाया है। पाकिस्तान रेलवे के मुखिया जावेद अनवर भी इस बैठक में आमंत्रित है। पाकिस्तान के साथ सिर्फ एक दिक्कत है। पाकिस्तान दिल्ली से लाहौर वाया अटारी तक मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों को जाने की इजाजत देता है लेकिन सुरक्षा कारणों से इस रूट पर कंटेनर ट्रेनों पर पांबदी लगाए हुए है।
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हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। भारत ने पिछले साल रेलवे मंत्रालय और कंटेनर कारपोरेशन ऑफ इंडिया की हाईलेवल टीम बांग्लादेश भेजा था। यह टीम प्रस्तावित रूट में होने वाली कठिनाईयों का अध्ययन कर रही है।
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चीन से लंदन तक चली मालगाड़ी
चाइनीज ट्रेन
- फोटो : youtube
पिछले महीने चीन ने यूरोपीय देशों के साथ अपने कारोबारी रिश्तों को मजबूत करने के लिए लंदन तक मालगाड़ी चलाई है। ये ट्रेन कज़ाकस्तान, रूस, बेलारूस, पोलैंड, जर्मनी, बेल्ज़ियम और फ्रांस से गुजरते हुए लंदन तक पहुंची। करीब 12000 किलोमीटर की दूरी को तय करने में ट्रेन 18 दिन का समय लिया। चीनी मीडिया का दावा है कि एयर सर्विस के मुकाबले इसके ज़रिए सामान भेजना 50 फीसदी सस्ता होगा जबकि समुद्री रास्ते के मुक़ाबले आधा समय भी बचेगा।
दुनिया में सबसे लंबे रूट पर ट्रेन चलाने का रिकॉर्ड भी चीन के नाम ही है। पूर्वी चीन के यिवु शहर से स्पेन की राजधानी मेड्रिड तक एक मालगाड़ी चलती है जिसकी दूरी 13 हज़ार किलोमीटर है। चीन 2016 में ईरान की राजधानी तेहरान और चीन के शहर यिवु के बीच रेल रूट की शुरुआत कर चुका है। इस रूट पर चलने वाली मालगाड़ी को करीब 10 हज़ार 400 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है और इसमें उसे 14 दिनों का वक्त लगता है।
दुनिया का तीसरा सबसे लंबा ट्रेन रूट रूस की राजधानी मास्को से उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग तक का है। मास्को से प्योंगयांग तक जो ट्रेन चलती है, वो 10,214 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस दूरी को तय करने में इस ट्रेन को करीब 8 दिन का का समय लगता है।
दुनिया में सबसे लंबे रूट पर ट्रेन चलाने का रिकॉर्ड भी चीन के नाम ही है। पूर्वी चीन के यिवु शहर से स्पेन की राजधानी मेड्रिड तक एक मालगाड़ी चलती है जिसकी दूरी 13 हज़ार किलोमीटर है। चीन 2016 में ईरान की राजधानी तेहरान और चीन के शहर यिवु के बीच रेल रूट की शुरुआत कर चुका है। इस रूट पर चलने वाली मालगाड़ी को करीब 10 हज़ार 400 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है और इसमें उसे 14 दिनों का वक्त लगता है।
दुनिया का तीसरा सबसे लंबा ट्रेन रूट रूस की राजधानी मास्को से उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग तक का है। मास्को से प्योंगयांग तक जो ट्रेन चलती है, वो 10,214 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस दूरी को तय करने में इस ट्रेन को करीब 8 दिन का का समय लगता है।