Bangladesh: ढाका से कराची सीधी उड़ान की तैयारी, भारत ने कहा- एयरस्पेस और सुरक्षा पहलुओं पर रहेगी कड़ी नजर
भारत सरकार ने बिमान बांग्लादेश द्वारा ढाका-कराची सीधी उड़ान शुरू करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है। संसद में विदेश मंत्रालय ने एयरस्पेस अनुमति और सुरक्षा पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट की।
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भारत सरकार ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन बिमान बांग्लादेश द्वारा ढाका से कराची के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत देखी जा रही हैं।
सरकार से यह भी पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान या किसी एयरलाइन की ओर से भारतीय एयरस्पेस के इस्तेमाल को लेकर कोई औपचारिक या अनौपचारिक अनुरोध मिला है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को भारत-बांग्लादेश के बीच वर्ष 1978 में हुए एयर सर्विसेज समझौते के तहत सक्षम प्राधिकरणों द्वारा उचित विचार के बाद निपटाया जाता है।
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सुरक्षा और कूटनीतिक पहलुओं पर सरकार की सतर्कता
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक संवेदनशीलता और पाकिस्तान से जुड़े पिछले द्विपक्षीय अनुभवों को ध्यान में रखते हुए ही ऐसे निर्णय लिए जाते हैं। सरकार लगातार क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखती है ताकि देश के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सऊदी-पाक रक्षा समझौते पर भी सरकार की नजर
एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रणनीतिक रक्षा समझौते की रिपोर्टों पर भी उसकी नजर है। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सभी क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संवाद बनाए रखता है और अपनी सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर आवश्यक कदम उठाता है।
ऑपरेशन सिंदूर पर स्थिति स्पष्ट
इसके अलावा, पाकिस्तान और चीन की ओर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी सरकार ने अपना रुख दोहराया। मंत्री ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सीधे तौर पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था और 10 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधे संवाद से संघर्षविराम पर सहमति बनी थी।
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