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रैंक गिरी: भारत सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भूटान, नेपाल और बांग्लादेश से पिछड़ा
Mon, 07 Jun 2021 03:44 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 07 Jun 2021 03:44 AM IST
सार
- बीते साल के मुकाबले दो स्थान गिरकर 117 पर आया भारत
- भारत सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में पड़ोसियों भूटान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से भी पिछड़ा
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : Facebook
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र के 193 देशों की ओर से एजेंडा 2030 को अपनाने के बाद भारत सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में पड़ोसियों भूटान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से भी पिछड़ गया है। भारत की रैंक बीते साल के मुकाबले दो स्थान नीचे गिरकर 117 पर आ गई है। भारत का सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) का स्कोर 100 में 61.9 है।
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भारत पर्यावरण रिपोर्ट, 2021 के मुताबिक, भारत की रैंकिंग बीते साल 115 थी, मगर भूख का खात्मा और खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता और देश में लचीले बुनियादी ढांचे का निर्माण, समावेशी और सतत औद्योगीकरण और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे लक्ष्यों को पाना अब भी चुनौती बना हुआ है।
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सतत विकास का एजेंडा 2030 संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा 2015 में अपनाया गया था। इसके तहत वर्तमान और भविष्य के लिए धरती और लोगों की शांति और समृद्धि की खातिर किए जा रहे उपायों का रोडमैप देना होता है।
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सतत विकास लक्ष्यों के बारे में तालमेल का काम भारत सरकार के नीति आयोग को सौंपा गया है। नीति आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि सतत विकास लक्ष्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं में परस्पर जुड़े हुए हैं। राज्यों को सलाह दी गई है कि वे भी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ अपनी योजनाओं की भी इसी तरह पहचान करें।
केरल, हिमाचल और चंडीगढ़ अव्वल, बिहार फिसड्डी
रिपोर्ट के मुताबिक, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केरल, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ का प्रदर्शन अव्वल रहा। वहीं, झारखंड और बिहार सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने में सबसे पीछे हैं। झारखंड पांच लक्ष्यों में तो बिहार सात लक्ष्यों मेें पिछड़ गया।
17 लक्ष्य हैं, जिन्हें हासिल करना देशों के लिए चुनौती
सभी विकसित और विकासशील देशों के लिए 17 सतत विकास लक्ष्य तय किए गए हैं। एसडीजी1-गरीबी का खात्मा, एसडीजी2-भूख मुक्त, एसडीजी3-अच्छा स्वास्थ्य और रहन-सहन, एसडीजी4-गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, एसडीजी5-लैंगिक समानता, एसडीजी6-स्वच्छ जल और सफाई, एसडीजी7-किफायती स्वच्छ ऊर्जा, एसडीजी8-गरिमापूर्ण काम और आर्थिक विकास, एसडीजी9-उद्योग,नवाचार और बुनियादी ढांचा, एसडीज10-असमानता में कमी, एसडीजी11-स्थायी शहर और समुदाय, एसडीजी12-जवाबदेह उपभोग और उत्पादन, एसडीजी-13 जलवायु के लिए कदम, एसडीजी14-पानी के अंदर जीवन, एसडीजी15-धरती पर जीवन, एसडीजी16-शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं और एसडीजी17-लक्ष्यों के लिए वैश्विक भागीदारी की मजबूती।
पर्यावरणीय प्रदर्शन सूचकांक में भारत की रैंक 168
रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरणीय प्रदर्शन सूचकांक के लिहाज से देखें तो 180 देशों की सूची में भारत का स्थान 168 है। यह रैंक पर्यावरणीय सेहत, जलवायु, वायु प्रदूषण, सफाई और पेयजल, पारिस्थितिकी सेवाएं, जैव विविधता जैसे संकेतकों के आधार पर तय की जाती है। वहीं, पर्यावरणीय स्वास्थ्य श्रेणी में भारत की रैंक 172 है। यह रैंक बताती है कि देश अपने नागरिकों को पर्यावरणीय सेहत के जोखिमों से कैसे बचाते हैं।