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भारत-रूस संबंध: एस जयशंकर का बयान, कहा- दोनों देशों के संबंधों में है स्थिरता; बरत रहे हैं सावधानी

Wed, 27 Sep 2023 11:36 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 27 Sep 2023 11:36 AM IST
सार

भारत-रूस संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि दोनों के संबंध बहुत स्थिर बने हुए हैं और यह बरकरार रहें। उन्होंने आगे कहा कि रूस वास्तव में एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर रुख कर रहा है।

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India-Russia relations: S Jaishankar statement Relations between both countries very steady
विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : PTI

विस्तार

भारत-रूस संबंधों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि दोनों के संबंध बहुत स्थिर बने हुए हैं और यह बरकरार रहें, इसे सुनिश्चित करने के लिए हम बहुत सावधानी बरत रहे हैं।

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विदेश संबंध परिषद में मंगलवार को यहां एक बातचीत के दौरान, जयशंकर ने कहा कि फरवरी 2022 के यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर यूरोप और पश्चिम के साथ रूस के संबंध इतने गंभीर रूप से बाधित हो गए हैं कि मॉस्को वास्तव में एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर रुख कर रहा है। 
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जयशंकर ने 78वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित करने के कुछ घंटे बाद कहा कि मुझे लगता है कि दोनों देशों में यह समझ है कि एशियाई महाद्वीप में बड़ी शक्तियों के रूप में, साथ आने की चाहत के लिए एक तरह का संरचनात्मक आधार है और इसलिए हम बहुत सावधानी बरतते हैं, ताकि संबंध बरकरार रहें। 
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इसलिए रूस कर रहा एशिया का रुख
उन्होंने आगे कहा कि रूस वास्तव में एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर रुख कर रहा है, लेकिन मुख्य रूप से एशिया की ओर, क्योंकि यहीं पर बहुत सारी आर्थिक गतिविधियां होती हैं और यह एक एशियाई शक्ति भी है, भले ही उसने हमेशा खुद को मुख्य रूप से उस रूप में नहीं देखा है।  



रूस वैकल्पिक संबंध बनाने में करेगा कड़े प्रयास
वह बोलि कि मैं भविष्यवाणी करता हूं कि रूस वैकल्पिक संबंध बनाने के लिए बहुत कड़े प्रयास करेगा, जिनमें से अधिकांश एशिया में होंगे और यह खुद को अर्थशास्त्र और व्यापार में, संभवतः अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिबिंबित करेगा।


जयशंकर ने कहा कि मुझे पता है कि रूस-चीन की इसमें एक विशेष प्रोफाइल होगी, एक विशेष प्रमुखता होगी, लेकिन मैं यह भी कहूंगा कि रूस के साथ हमारे अपने संबंध 50 के दशक के मध्य से बेहद स्थिर रहे हैं और अगर आप देखें तो यह दिलचस्प है। 

विश्व राजनीति के पिछले 70 वर्षों में, अमेरिका-रूस, रूस-चीन, यूरोप-रूस, इनमें से लगभग हर रिश्ते में बहुत बड़े उतार-चढ़ाव आए हैं। उस रिश्ते में बहुत बुरे दौर भी आए हैं और अच्छे दौर भी आए हैं, लेकिन भारत -रूस के संबंध वास्तव में बहुत, बहुत स्थिर रहे हैं।

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