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लोगों के द्वार पर पहुंचेंगी बैंकिंग सेवाएं, एक सितंबर को प्रधानमंत्री करेंगे योजना का शुभारंभ
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:29 PM IST
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India Post Payment Bank
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केंद्र सरकार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के जरिए उन लोगों के द्वार तक बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराएगी, जो अभी तक ऐसी सेवाओं से वंचित हैं। चूंकि डाकघरों पर लोगों का भरोसा है और ये उनकी पहुंच में भी हैं, इसलिए सरकार ने यह योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सितंबर को आईपीपीबी योजना का शुभारंभ करेंगे।
बुधवार को संचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा ने आईपीपीबी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना देश में बैंकों की पहुंच और प्रभाव में व्यापक वृद्धि करेगी। इस योजना के शुरू होने के बाद लोगों के भरोसे का प्रतीक डाकिया अब एक बैंकर की भूमिका निभाएगा। आईपीपीबी योजना शुरू होने के बाद देश में बैंक शाखाओं की संख्या 1.40 लाख से बढ़कर 2.90 लाख हो जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षे़त्रों में स्थित शाखाएं भी 49 हजार से बढ़कर 1.75 लाख तक पहुंचेंगी।
आईपीपीबी योजना को घर-घर तक ले जाएंगे तीन लाख डाकिये
सिन्हा के मुताबिक, डाक विभाग का विशाल नेटवर्क है। इसकी पहुंच देश में कौने-कौने तक है। तीन लाख से ज्यादा डाकिये और जीडीएस अब बैंकिंग सेवा को लोगों के घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। इस सेवा के शुभारंभ के दिन यानी एक सितंबर को देशभर में 650 शाखाएं और 3250 सेवा केंद्रों पर आईपीपीबी का कामकाज चालू हो जाएगा।
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इनमें बचत एवं चालू खाता, धन अंतरण, प्रत्यक्ष लाभांतरण, बिल, जनउपयोग भुगतान और व्यापार संबंधी भुगतान शामिल हैं। ये सेवाएं कांउटर के अतिरिक्त माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, एप, एसएमएस व आईवीआर के जरिए लोगों तक पहुंचेंगी। संचार राज्य मंत्री ने कहा, यह बैंक सुनिश्चित करेगा कि सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे डिजिटल इंडिया का लाभ विकास की कतार में खड़े अंतिम आदमी तक पहुंचे और सरकार का वित्तीय समावेशन का सपना पूरा हो सके।
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बुधवार को संचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा ने आईपीपीबी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना देश में बैंकों की पहुंच और प्रभाव में व्यापक वृद्धि करेगी। इस योजना के शुरू होने के बाद लोगों के भरोसे का प्रतीक डाकिया अब एक बैंकर की भूमिका निभाएगा। आईपीपीबी योजना शुरू होने के बाद देश में बैंक शाखाओं की संख्या 1.40 लाख से बढ़कर 2.90 लाख हो जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षे़त्रों में स्थित शाखाएं भी 49 हजार से बढ़कर 1.75 लाख तक पहुंचेंगी।
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आईपीपीबी योजना को घर-घर तक ले जाएंगे तीन लाख डाकिये
सिन्हा के मुताबिक, डाक विभाग का विशाल नेटवर्क है। इसकी पहुंच देश में कौने-कौने तक है। तीन लाख से ज्यादा डाकिये और जीडीएस अब बैंकिंग सेवा को लोगों के घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। इस सेवा के शुभारंभ के दिन यानी एक सितंबर को देशभर में 650 शाखाएं और 3250 सेवा केंद्रों पर आईपीपीबी का कामकाज चालू हो जाएगा।
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इनमें बचत एवं चालू खाता, धन अंतरण, प्रत्यक्ष लाभांतरण, बिल, जनउपयोग भुगतान और व्यापार संबंधी भुगतान शामिल हैं। ये सेवाएं कांउटर के अतिरिक्त माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, एप, एसएमएस व आईवीआर के जरिए लोगों तक पहुंचेंगी। संचार राज्य मंत्री ने कहा, यह बैंक सुनिश्चित करेगा कि सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे डिजिटल इंडिया का लाभ विकास की कतार में खड़े अंतिम आदमी तक पहुंचे और सरकार का वित्तीय समावेशन का सपना पूरा हो सके।