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भारत, पाक डीजीएमओ 2003 सीजफायर समझौते को पूरी तरह लागू करने पर सहमत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 30 May 2018 04:39 AM IST
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भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच 2003 के सीजफायर समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमति बनी। साथ ही दोनों पक्ष जम्मू और कश्मीर में सीमा पार गोलीबारी रोकने पर भी राजी हुए।
भारतीय सेना ने कहा कि दोनों सैन्य कमांडरों ने जम्मू कश्मीर में एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों के अधिकारियों ने मंगलवार को शाम छह बजे स्पेशल हॉटलाइन पर बातचीत की।
बातचीत की पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई। भारत की तरफ से डीजीएमओ ले. जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान की तरफ से मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा 15 साल पुराने सीजफायर समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए।
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भारतीय सेना ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में दोनों तरफ से सीजफायर का उल्लंघन नहीं होगा। पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों कमांडरों ने शांति बनाए रखने और सीमा से सटे क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें दूर करने के उपायों पर आपसी सहमति व्यक्त की। पिछले कुछ महीनों में एलओसी पर गोलाबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
नई दिल्ली में रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस साल मंगलवार तक पाकिस्तानी सेना की तरफ से सीजफायर उल्लंघन की कुल 908 घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि साल 2017 में कुल 860 सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हुई थीं।
भारतीय सेना की तरफ से बयान में कहा गया, ‘अधिकारी इस बात पर भी सहमत हुए कि किसी भी प्रकार के मुद्दे पर संयम बरता जाएगा और मुद्दे को हॉटलाइन संपर्क और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग जैसी मौजूदा प्रणाली के जरिये हल किया जाएगा।’
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भारतीय सेना ने कहा कि दोनों सैन्य कमांडरों ने जम्मू कश्मीर में एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों के अधिकारियों ने मंगलवार को शाम छह बजे स्पेशल हॉटलाइन पर बातचीत की।
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बातचीत की पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई। भारत की तरफ से डीजीएमओ ले. जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान की तरफ से मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा 15 साल पुराने सीजफायर समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए।
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भारतीय सेना ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में दोनों तरफ से सीजफायर का उल्लंघन नहीं होगा। पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों कमांडरों ने शांति बनाए रखने और सीमा से सटे क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें दूर करने के उपायों पर आपसी सहमति व्यक्त की। पिछले कुछ महीनों में एलओसी पर गोलाबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
नई दिल्ली में रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस साल मंगलवार तक पाकिस्तानी सेना की तरफ से सीजफायर उल्लंघन की कुल 908 घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि साल 2017 में कुल 860 सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं हुई थीं।
भारतीय सेना की तरफ से बयान में कहा गया, ‘अधिकारी इस बात पर भी सहमत हुए कि किसी भी प्रकार के मुद्दे पर संयम बरता जाएगा और मुद्दे को हॉटलाइन संपर्क और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग जैसी मौजूदा प्रणाली के जरिये हल किया जाएगा।’