{"_id":"5956a0884f1c1b414d8b4dbb","slug":"india-on-a-path-of-new-journey-says-arun-jaitely","type":"story","status":"publish","title_hn":"GST से भारत के लिए नई यात्रा की शुरुआत: जेटली ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
GST से भारत के लिए नई यात्रा की शुरुआत: जेटली
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
arun jaitley
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को भारत के लिए नई यात्रा की शुरुआत बताते हुए कहा कि न्यू इंडिया में एक देश, एक टैक्स और एक बाजार के जरिए वन इंडिया का सपना साकार हो रहा है। जीएसटी से नए भारत का निर्माण होगा।
शुक्रवार रात जीएसटी की लांचिंग के मौके पर संसद के सेंट्रल हॉल में जेटली ने कहा कि राज्य और केंद्र मिलकर एक दिशा में काम करेंगे। जीएसटी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हम इसके लिए सबको साथ लेना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, इसकी शुरुआत 15 साल पहले हुई थी, जब विजय केलकर ने 2003 में रिपोर्ट दी। 2010 में इसे लागू करने का प्रयास शुरू हुआ और 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संविधान संशोधन रखा। संसद के दोनों सदनों ने इसे पास किया।
विज्ञापन
18 बार जीएसटी काउंसिल की बैठक में सभी मुद्दों पर सहमति बनी। वित्त मंत्री ने देश के कारोबारियों से जीएसटी में पंजीयन कराकर हर महीने की दस तारीख को कारोबार का ब्योरा ऑनलाइन देने की अपील की।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि अनेक टैक्स की जगह एक टैक्स प्रणाली से करों का बोझ कम होगा। सकल घरेलू उत्पाद को लाभ होगा। जीएसटी ऐसे दौर में आ रहा है जब दुनिया मंदी के दौर से गुजर रही है। जीएसटी से 17 टैक्स और 23 सेस खत्म हो जाएंगे। कोशिश है कि मौजूदा टैक्स से किसी पर ज्यादा बोझ न पड़े।
देवगौड़ा पहुंचे, मनमोहन अनुपस्थित
मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी मौजूद रहे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
विज्ञापन
शुक्रवार रात जीएसटी की लांचिंग के मौके पर संसद के सेंट्रल हॉल में जेटली ने कहा कि राज्य और केंद्र मिलकर एक दिशा में काम करेंगे। जीएसटी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हम इसके लिए सबको साथ लेना चाहते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, इसकी शुरुआत 15 साल पहले हुई थी, जब विजय केलकर ने 2003 में रिपोर्ट दी। 2010 में इसे लागू करने का प्रयास शुरू हुआ और 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संविधान संशोधन रखा। संसद के दोनों सदनों ने इसे पास किया।
विज्ञापन
18 बार जीएसटी काउंसिल की बैठक में सभी मुद्दों पर सहमति बनी। वित्त मंत्री ने देश के कारोबारियों से जीएसटी में पंजीयन कराकर हर महीने की दस तारीख को कारोबार का ब्योरा ऑनलाइन देने की अपील की।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि अनेक टैक्स की जगह एक टैक्स प्रणाली से करों का बोझ कम होगा। सकल घरेलू उत्पाद को लाभ होगा। जीएसटी ऐसे दौर में आ रहा है जब दुनिया मंदी के दौर से गुजर रही है। जीएसटी से 17 टैक्स और 23 सेस खत्म हो जाएंगे। कोशिश है कि मौजूदा टैक्स से किसी पर ज्यादा बोझ न पड़े।
देवगौड़ा पहुंचे, मनमोहन अनुपस्थित
मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी मौजूद रहे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया।