फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Meteorological Department says Pre-Monsoon Rainfall Records 27 Per Cent decrease

मानसून पूर्व बारिश में 27 फीसदी कमी दर्ज की गई : मौसम विभाग

Sun, 28 Apr 2019 04:14 PM IST
तिवारी अभिषेक भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sun, 28 Apr 2019 04:14 PM IST
विज्ञापन
India Meteorological Department says Pre-Monsoon Rainfall Records 27 Per Cent decrease
फाइल फोटो - फोटो : PTI

भारतीय मौसम विभाग (India meteorological department) के मुताबिक मानसून से पहले मार्च से अप्रैल तक होने वाली बारिश में 27 फीसदी कमी दर्ज की गई है। मानसून पूर्व बारिश देश के कुछ हिस्सों में खेती के लिए काफी अहमियत रखती है। 

विज्ञापन


मौसम विभाग ने देश भर में एक मार्च से 24 अप्रैल के बीच 59.6 मिलीमीटर की सामान्य वर्षा के मुकाबले महज 43.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की है। यह दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का 27 फीसदी कम है। एलपीए 50 साल की अवधि में दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान देश भर में हुई औसत वर्षा को कहा जाता है। सबसे अधिक 38 फीसदी कमी मौसम विभाग के उत्तर-पश्चिम भाग में दर्ज की गई। इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश आते हैं। 
विज्ञापन


आईएमडी ने बताया कि इसके बाद 31 फीसदी कमी दक्षिणी प्रायद्वीप में दर्ज की गई जिसमें दक्षिण भारत के सभी पांच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के अलावा गोवा एवं तटीय महाराष्ट्र आते हैं। पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत में 23 फीसदी कमी दर्ज की गई। मध्य भारत एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां सामान्य से पांच प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। भारत के कई हिस्सों में मानसून से पहले बारिश होती है जो इन क्षेत्रों के लिए अहम है। अमूमन मार्च से मई के अंत तक रहने वाला यह समय महत्त्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह तापमान में कमी लाने में मददगार होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्काइमेट के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने कहा कि बारिश में कमी की यह स्थिति भयावह लगती है क्योंकि देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है और 17 अप्रैल के बाद से कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि मॉनसून से पहले होने वाली बारिश का एक कारण देश के कई हिस्सों में मार्च से जून के बीच पड़ने वाली भीषण गर्मी होती है। 


आईएमडी के पूर्व महानिदेशक लक्ष्मण सिंह राठौर ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों एवं पश्चिमी घाट में मानसून से पहले की बारिश फसलों की रोपाई के लिए जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि गन्ना और कपास जैसी फसलों के लिए सिंचाई की अधिक जरूरत पड़ती हैं लेकिन उन्हें मानसून पूर्व बारिश की भी अतिरिक्त जरूरत होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed