{"_id":"5acc5c094f1c1bb91a8b45fc","slug":"india-has-declined-an-offer-2-by-2-dialogue-between-india-foreign-and-defence-ministers","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत ने अमेरिका को कहा 'न', होनी थी '2 बाय 2' रक्षा मसौदों पर बातचीत ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारत ने अमेरिका को कहा 'न', होनी थी '2 बाय 2' रक्षा मसौदों पर बातचीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:09 PM IST
विज्ञापन
nirmala-sitaraman
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने अमेरिका के साथ होने वाली रक्षामंत्रियों की बातचीत के ऑफर को ठुकरा दिया है। भारतीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी विदेश मंत्री जिम मैटिस के बीच इसी महीने रक्षा मसौदों पर बातचीत होनी थी अब यह बातचीत नहीं होगी क्योंकि भारत ने इसके लिए न कह दिया है। वहीं इसी महीने वाशिंगटन में "2 बाय 2" की वार्ता होनी थी लेकिन अमरीकी संसद ने अभी तक इसकी मंजूरी भी नहीं दी है।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने माइक टिलरसन को बर्खास्त कर माइक पॉम्पियो को विदेशमंत्री बनाया है। अमेरिकी सीनेट विदेश मामलों की समिति की सुनवाई गुरुवार को की जाएगी।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों निर्मला सीतारमण और मैटिस के बीच एक फॉर्मल बातचीत वाशिंगटन में किया जाना तय किया था। इससे पहले भी भारतीय डेलीगेशन जिसमें विदेश सचिव विजय गोखले और रक्षा सचिव संजय मित्रा शामिल थे की बातचीत अमेरिकी समकक्षों के बीच की गई थी। ये बैठक अमेरिका में टिलरसन के बर्खास्त किए जाने के तुरंत बाद की गई थी।
विज्ञापन
सूत्रों ने कहा, नई दिल्ली वाशिंगटन के प्रस्ताव पर विचार कर रही थी लेकिन बाद में इनकार कर दिया क्योंकि भारत नहीं चाहता था कि पहली बार हो रही मंत्री स्तर की बातचीत का महत्व कम हो जाए। '2-बाय-2' मंत्रियों के बीच बातचीत की घोषणा अगस्त 2017 में की गई थी।
विज्ञापन
तब डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच टेलीफेन पर बातचीत भी हुई थी। इस बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया था कि 2-बाय-2 बातचीत में भारत और प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ाने से लेकर सामरिक परामर्श के जरिए इसे और बढ़ाया जाना था।
वहीं पिछले महीने हुई प्रारंभिक वार्ता में अमेरिका और भारत ने मिलकर रक्षा सहभागिता, बातचीत और सुरक्षा मसौदों पर हस्ताक्षर भी किए गए थे। वर्ष 2016 में भारत और अमेरिका ने एक तीसरे फंडामेंटल एग्रीमेंट और लॉजिस्टिकल एक्सचेंज मेमोरेंडम मसौदे पर भी हस्ताक्षर किया गया था ।