फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india eager to have combat drones in the long run

लड़ाकू की बजाय भारत को जासूसी ड्रोन देगा अमेरिका

Mon, 26 Jun 2017 02:34 PM IST
amarujala.com- Presented by: अरविंद कुमार
amarujala.com- Presented by: अरविंद कुमार Updated Mon, 26 Jun 2017 02:34 PM IST
विज्ञापन
india eager to have combat drones in the long run
फाइल फोटो

भारत अपनी समुद्री सीमाओं पर नजर रखने के लिए अमेरिका से युद्धक ड्रोन खरीदना चाहता है, लेकिन अमेरिका केवल जासूसी करने में सक्षम ड्रोन ही बेच रहा है। इन ड्रोन्स को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाने वाला है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि फाइटर जेट्स के मुकाबले ड्रोन्स को सैटेलाइट के द्वारा हजारों किलोमीटर दूर से भी नियंत्रित किया जा सकता है। इनसे मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं। अमेरिका पहले से ही इन लड़ाकू ड्रोन का इस्तेमाल अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों पर हमला करने के लिए कर रहा है।
विज्ञापन


भारत और अमेरिका के बीच MQ-9B ड्रोन के लिए बातचीत चल रही है। MQ-9B लंबी दूरी तक मार करने वाला लड़ाकू ड्रोन है जिसमे 27 घंटे बिना रुके उड़ने की क्षमता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले भारत को 34 मेंबर वाले मिसाइल टेक्नोलॉजी ग्रुप में शामिल होना पड़ेगा, जिसमे 300 किमी से ऊपर की रेंज के ड्रोन और मिसाइलों में प्रसार करने पर रोक है। 

वहीं, पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा से पहले ट्रंप प्रशासन ने भारत को 22 MQ-9B ड्रोन बेचने की डील की थी। इन ड्रोन्स की कीमत 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा थी जिसमें ड्रोन के पुर्जे, रखरखाव और प्रशिक्षण पैकेज शामिल हैं।

भारत सरकार सूत्रों के मुताबिक, अभी तक इस समझौते को वास्तविक रूप दिया जाना बाकी है।

 बता दें कि भारत पहला ऐसा देश होगा जो नाटो (NATO) का सदस्य ना होने के बावजूद भी इन लड़ाकू ड्रोन को खरीदेगा। लेकिन वाशिंगटन अभी तक इसके लिए पूर्णरूप से तैयार नहीं है क्योंकि उसका मानना है कि ऐसा करने से 'वैश्विक सैन्य संतुलन' में बाधा आएगी।

भारत इजराइल से 10 हीरोन-टीपी मिसाइल-सशस्त्र ड्रोन को तकरीबन 400 मिलियन डॉलर में खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। यहां तक कि पीएम मोदी की अगले महीने के लिए इजराइल यात्रा भी तय की जा चुकी है। भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही इजराइली 'हरोप' ड्रोन है जो क्रूज मिसाइलों की तरह काम करते हैं जिसमें वे दुश्मन और रडार की तलाश करके उस पर हमला करता है।


डीआरडीओ की वैमानिकी विकास एजेंसी ने मई 2016 में सरकार की मजूंरी मिलने पर 2, 650 करोड़ रुपये के 'घातक' प्रोजेक्ट को 'मानव रहित स्ट्राइक एयर वाहन' को विकसित करने के लिए लांच किया था। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के डिजाइन और महत्वपूर्ण उन्नत तकनीकों के विकास के लिए शुरुआत में 231 करोड़ रुपये दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed