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सांस्कृतिक कूटनीति: पीएम मोदी ने फ्रांसीसी-स्लोवाक नेताओं को भेंट किए भारतीय विरासत के खास तोहफे, दिल जीता
Sat, 20 Jun 2026 06:17 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:17 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पूरी की, जहां उन्होंने भारत की पारंपरिक शिल्पकला और विरासत को उपहारों के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिली। उन्होंने क्या उपहार भेंट किए, विस्तार से पढ़िए रिपोर्ट-
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पीएम मोदी ने जी 7 के नेताओं को दिए गिफ्ट।
- फोटो : एक्स
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की अपनी यात्रा पूरी कर ली है। यह यात्रा न सिर्फ उच्च स्तरीय राजनयिक चर्चाओं के लिए, बल्कि भारतीय शिल्प कौशल की गहराई और विविधता दिखाने वाले उपहारों के लिए भी उल्लेखनीय रही। क्षेत्रीय परंपराओं से ओतप्रोत वस्तुओं को उपहार में देकर, पीएम ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक कूटनीति का प्रभावी ढंग से उपयोग किया।
मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की। आंध्र प्रदेश की यह हस्तनिर्मित कलमकारी पेंटिंग भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाती है और इसे पूरा होने में करीब छह माह लगे। पारंपरिक पेन ड्राइंग तकनीकों का उपयोग करके बनाई गई इस पेंटिंग में महाभारत के दृश्य उकेरे गए हैं, जो प्राचीन भारतीय महाकाव्य है । इस कलाकृति के केंद्र में भगवद गीता का ज्ञान है। यह पेंटिंग नैतिक नेतृत्व, शांति, बुद्धिमत्ता व मानवीय गरिमा जैसे कालजयी मूल्यों को उजागर करती है।
ये ऐसे सिद्धांत हैं जो आज की दुनिया में भी प्रासंगिक हैं। पीएम मोदी ने मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को पोचंपल्ली सिल्क स्टोल (रेशमी दुपट्टा) भेंट किया। पोचंपल्ली सिल्क स्टोल तेलंगाना का एक हाथ से बुना हुआ कपड़ा है, जिसे पारंपरिक इकात रेसिस्ट डाइंग (प्रतिरोध रंगाई) तकनीक से बनाया जाता है। यह जटिल ज्यामितीय और फूलों के पैटर्न, बेहतरीन शिल्प कौशल और सुरुचिपूर्ण डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है। परंपरा, रचनात्मकता और उच्च गुणवत्ता वाली कलात्मकता का इसका अनूठा मिश्रण फ्रांस की सराहना के साथ गहराई से मेल खाता है।
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स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को दिया कश्मीरी सिल्क कारपेट
पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को कश्मीरी सिल्क कारपेट (रेशमी कालीन) भेंट किया। कश्मीरी सिल्क कारपेट कश्मीर घाटी, विशेष रूप से श्रीनगर क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित हस्तनिर्मित शिल्प है। उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक रेशम से निर्मित, यह अपने जटिल फूलों, पैस्ले (कैरी), बेल और मेडलियन डिजाइनों के लिए जाना जाता है। कुशल कारीगरों के हाथ से बुने जाने वाले प्रत्येक कालीन को उसकी उच्च गांठ घनत्व (नॉट डेंसिटी) और विस्तृत शिल्प कौशल के कारण पूरा होने में महीनों या साल भी लग जाते हैं। भव्यता, स्थायित्व और कलात्मक उत्कृष्टता का संयोजन करने वाले कश्मीरी रेशमी कालीन काफी अहम हैं।
रासी को ठेकुआ भी उपहार में दिया
मोदी ने रासी को ठेकुआ भी उपहार में दिया। ठेकुआ बिहार और झारखंड का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी, सौंफ और घी के उपयोग से बनाया जाता है। ये विशेष रूप से त्योहारों, मुख्य रूप से छठ पूजा के दौरान तैयार होता है। सरल सामग्री, लंबी शेल्फ लाइफ और घरेलू स्वाद के लिए जाना जाने वाला ठेकुआ सांस्कृतिक परंपरा के उल्लास और क्षेत्रीय पाक विरासत को दर्शाता है।
स्लोवाक सांसद को चरक संहिता
स्लोवाकिया के संसद अध्यक्ष (स्पीकर) रिचर्ड रासी को चरक संहिता व सुश्रुत संहिता भेंट की। चरक संहिता प्राचीन भारतीय चिकित्सा का एक आधारभूत ग्रंथ है, जिसका श्रेय आचार्य चरक को दिया जाता है। सुश्रुत संहिता चिकित्सक सुश्रुत को समर्पित आयुर्वेदिक ग्रंथ है, जिसे सर्जरी क्षेत्र का अहम ग्रंथ माना जाता है।
ये भी पढ़ें: भारत की बढ़ेगी समुद्री ताकत: PM मोदी योग दिवस पर नौसेना को सौंपेंगे तीन स्वदेशी युद्धपोत, जानें क्या हैं नाम
राष्ट्रपति पेलेग्रिनी को हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर
मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर भेंट किया। हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर सेट औरंगाबाद के पारंपरिक बुनाई शिल्प का प्रतिनिधित्व करता है। रेशम और कपास के मिश्रण से बने हिमरू को इसकी रिवर्सिबल बुनाई (दोनों तरफ से इस्तेमाल होने वाली), मुलायम बनावट और हल्की चमक के लिए जाना जाता है, जिसमें सीधे कपड़े में बुने गए जटिल फूलों और पैस्ले पैटर्न शामिल होते हैं। उन्होंने पेलेग्रिनी को हाथ से बने थेवा मोटिफ कफलिंक्स भी भेंट किए। हस्तनिर्मित थेवा मोटिफ कफलिंक्स प्रतापगढ़ के पारंपरिक आभूषण शिल्प को प्रदर्शित करते हैं। दुर्लभ थेवा तकनीक का उपयोग करके इनमें रंगीन कांच पर नक्काशी की गई सोने की शीट को जोड़ा जाता है।
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मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की। आंध्र प्रदेश की यह हस्तनिर्मित कलमकारी पेंटिंग भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाती है और इसे पूरा होने में करीब छह माह लगे। पारंपरिक पेन ड्राइंग तकनीकों का उपयोग करके बनाई गई इस पेंटिंग में महाभारत के दृश्य उकेरे गए हैं, जो प्राचीन भारतीय महाकाव्य है । इस कलाकृति के केंद्र में भगवद गीता का ज्ञान है। यह पेंटिंग नैतिक नेतृत्व, शांति, बुद्धिमत्ता व मानवीय गरिमा जैसे कालजयी मूल्यों को उजागर करती है।
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ये ऐसे सिद्धांत हैं जो आज की दुनिया में भी प्रासंगिक हैं। पीएम मोदी ने मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को पोचंपल्ली सिल्क स्टोल (रेशमी दुपट्टा) भेंट किया। पोचंपल्ली सिल्क स्टोल तेलंगाना का एक हाथ से बुना हुआ कपड़ा है, जिसे पारंपरिक इकात रेसिस्ट डाइंग (प्रतिरोध रंगाई) तकनीक से बनाया जाता है। यह जटिल ज्यामितीय और फूलों के पैटर्न, बेहतरीन शिल्प कौशल और सुरुचिपूर्ण डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है। परंपरा, रचनात्मकता और उच्च गुणवत्ता वाली कलात्मकता का इसका अनूठा मिश्रण फ्रांस की सराहना के साथ गहराई से मेल खाता है।
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स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को दिया कश्मीरी सिल्क कारपेट
पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को कश्मीरी सिल्क कारपेट (रेशमी कालीन) भेंट किया। कश्मीरी सिल्क कारपेट कश्मीर घाटी, विशेष रूप से श्रीनगर क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित हस्तनिर्मित शिल्प है। उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक रेशम से निर्मित, यह अपने जटिल फूलों, पैस्ले (कैरी), बेल और मेडलियन डिजाइनों के लिए जाना जाता है। कुशल कारीगरों के हाथ से बुने जाने वाले प्रत्येक कालीन को उसकी उच्च गांठ घनत्व (नॉट डेंसिटी) और विस्तृत शिल्प कौशल के कारण पूरा होने में महीनों या साल भी लग जाते हैं। भव्यता, स्थायित्व और कलात्मक उत्कृष्टता का संयोजन करने वाले कश्मीरी रेशमी कालीन काफी अहम हैं।
रासी को ठेकुआ भी उपहार में दिया
मोदी ने रासी को ठेकुआ भी उपहार में दिया। ठेकुआ बिहार और झारखंड का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी, सौंफ और घी के उपयोग से बनाया जाता है। ये विशेष रूप से त्योहारों, मुख्य रूप से छठ पूजा के दौरान तैयार होता है। सरल सामग्री, लंबी शेल्फ लाइफ और घरेलू स्वाद के लिए जाना जाने वाला ठेकुआ सांस्कृतिक परंपरा के उल्लास और क्षेत्रीय पाक विरासत को दर्शाता है।
स्लोवाक सांसद को चरक संहिता
स्लोवाकिया के संसद अध्यक्ष (स्पीकर) रिचर्ड रासी को चरक संहिता व सुश्रुत संहिता भेंट की। चरक संहिता प्राचीन भारतीय चिकित्सा का एक आधारभूत ग्रंथ है, जिसका श्रेय आचार्य चरक को दिया जाता है। सुश्रुत संहिता चिकित्सक सुश्रुत को समर्पित आयुर्वेदिक ग्रंथ है, जिसे सर्जरी क्षेत्र का अहम ग्रंथ माना जाता है।
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राष्ट्रपति पेलेग्रिनी को हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर
मोदी ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर भेंट किया। हिमरू सिल्क टाई और पॉकेट स्क्वायर सेट औरंगाबाद के पारंपरिक बुनाई शिल्प का प्रतिनिधित्व करता है। रेशम और कपास के मिश्रण से बने हिमरू को इसकी रिवर्सिबल बुनाई (दोनों तरफ से इस्तेमाल होने वाली), मुलायम बनावट और हल्की चमक के लिए जाना जाता है, जिसमें सीधे कपड़े में बुने गए जटिल फूलों और पैस्ले पैटर्न शामिल होते हैं। उन्होंने पेलेग्रिनी को हाथ से बने थेवा मोटिफ कफलिंक्स भी भेंट किए। हस्तनिर्मित थेवा मोटिफ कफलिंक्स प्रतापगढ़ के पारंपरिक आभूषण शिल्प को प्रदर्शित करते हैं। दुर्लभ थेवा तकनीक का उपयोग करके इनमें रंगीन कांच पर नक्काशी की गई सोने की शीट को जोड़ा जाता है।