MEA: आतंकी पन्नूं की हत्या की साजिश के अमेरिका के आरोप पर भारत गंभीर, जांच के लिए समिति गठित
पिछले हफ्ते अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका की धरती पर पन्नूं को मारने के प्रयास को नाकाम किया गया है और उसने इस साजिश में शामिल होने का आरोप भारत पर लगाया था। इस मामले की जांच के लिए भारत ने समिति गठित की है।
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अमेरिका की धरती पर आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नूं को मारने की साजिश से संबंधित आरोपों की जांच के लिए भारत ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
पिछले हफ्ते किया था दावा
गौरतलब है, खालिस्तानी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच तनाव पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है। इस बीच पिछले हफ्ते ब्रिटेन के एक दैनिक अखबार ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका की धरती पर पन्नूं को मारने के प्रयास को नाकाम किया गया है और उसने इस साजिश में शामिल होने का आरोप भारत पर लगाया था। इस पूरे मामले पर भारत पहले भी प्रतिक्रिया दे चुका है। अब उसने जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत सरकार जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेगी। बागची ने कहा, 'हम पहले ही बता चुके हैं कि भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग पर चर्चा के दौरान अमेरिकी पक्ष ने संगठित अपराधियों, बंदूक चलाने वालों, आतंकवादियों और अन्य के बीच सांठगांठ से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा की हैं। ये सूचनाएं दोनों देशों के लिए चिंता का विषय हैं और इसलिए जरूरी कार्रवाई करने का फैसला किया है।’
उन्होंने कहा कि भारत अपनी ओर से इस तरह की सूचनाओं को गंभीरता से लेता है, क्योंकि यह हमारे अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर भी असर डालते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस संदर्भ में यह सूचित किया जाता है कि 18 नवंबर को भारत सरकार ने मामले के सभी प्रासंगिक पहलुओं पर गौर करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
क्या है पूरा मामला
ब्रिटेन के एक दैनिक अखबार ने एक रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू की हत्या को साजिश को नाकाम किया था। अखबार के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने इस साजिश में शामिल होने का आरोप भारत पर लगाया। इसके साथ ही भारत के लिए चेतावनी भी जारी की। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह मामला कबका है।
वहीं, दूसरी ओर इस मामले में एक कथित आरोपी के खिलाफ न्यूयॉर्क डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सीलबंद केस दाखिल किया गया है। आरोपी कौन है, इसका पता सीलबंद लिफाफा खुलने के बाद ही पता चलेगा। अभी अमेरिका का न्याय विभाग इस बात पर बहस कर रहा है कि इस सीलबंद लिफाफे को अभी खोला जाए और आरोपों को सार्वजनिक किया जाए या खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की जांच पूरी होने के बाद खोला जाएगा। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने भारत को राजनयिक चेतावनी दी थी।