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भारत-चीन के बीच होगी सीमा विवाद के निपटारे की कसरत

Thu, 21 Dec 2017 05:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो / नई दिल्ली Updated Thu, 21 Dec 2017 05:25 AM IST
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India-China Border dispute settlement exercise
प्रतीकात्मक तस्वीर
दोकलम पर 73 दिन के गतिरोध के बाद भारत और चीन शुक्रवार से सीमा विवाद की गुत्थी सुलझाने पर माथापच्ची करेंगे। भारत-चीन सीमा वार्ता के 20वें दौर की बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जिची के बीच बातचीत होगी। बैठक से पूर्व चीन ने दोकलम मामले को उठा कर जहां इस मुद्दे पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है, वहीं भारत अन्य क्षेत्रों में चीनी घुसपैठ के मामले को उठाने की तैयारी में है। दोनों देश इस दौरान अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी एक दूसरे का मन टटोलेंगे।
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सूत्रों ने बताया कि हालांकि वार्ता सीमा विवाद से संबंधित है, मगर इसमें अन्य मुद्दों के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता। जहां तक दोकलम का सवाल है तो भारत अपने पुराने रुख पर अडिग रहेगा। भारत पहले ही दोकलम को भूटान का क्षेत्र मानता है और इसमें किसी भी तरह के निर्माण के लिए भूटान की मंजूरी अनिवार्य मानता है। इसके अलावा बैठक में सीमा पर विवाद टालने के लिए एक दूसरे देश की ओर से सुझाव पर आधारित नया तंत्र स्थापित करने पर माथापच्ची होगी।
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चीन पहले ही साफ कर चुका है कि वार्ता महज सीमा विवाद तक सीमित नहीं रहेगी। इस दौरान रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत होगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने कहा था कि यह वार्ता केवल उच्च स्तर पर सीमा मुद्दे पर चर्चा के लिए नहीं है बल्कि रणनीतिक संपर्क के लिए भी एक मंच है। हुआ ने कहा कि 2017 में भारत और चीन के रिश्ते बेहद ही सधे हुए तरीके से आगे बढ़ रहे थे लेकिन दोकलम विवाद ने दोनों देशों के सामने कड़ी चुनौती रख दी। 

सिक्किम क्षेत्र में अलर्ट पर है एसएसबी

India-China Border dispute settlement exercise
AJIt Doval - फोटो : file photo
भविष्य में इस तरह के किसी भी विवाद से बचने के लिए हम इस घटना से जरूर सीख लेंगे। ऐसे में भारत की योजना परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता, यूएन की स्थाई सदस्यता और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर चीन का रुख टटोलने की होगी। जबकि चीन ओआरओबी पर भारत का रुख टटोलेगा। गौरतलब है कि भारत ने संप्रभुता का हवाला देते हुए ओआरओबी परियोजना में शामिल होने से इंकार कर दिया था। 

दोकलम विवाद के बाद भूटान सीमा पर सिक्किम में नए सीमा पोस्ट स्थापित करने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए एसएसबी अधिक अलर्ट हो गई है। अर्द्धसैनिक बल एसएसबी पर भूटान से लगी 699 किमी सीमा की जिम्मेदारी है। हालांकि एसएसबी ने कहा कि उसकी भूमिका केवल भूटान सीमा तक सीमित है और चीन-भारत सीमा पर स्थित दोकलम अन्य सुरक्षा बलों के हिस्से में आता है। एसएसबी के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि सिक्किम में भूटान सीमा पर हम अधिक अलर्ट हैं और यह अलर्ट थोड़ी और बढ़ाई जाएगी। हम वहां कुछ नई सीमा चौकियों की स्थापना के साथ एक बटालियन मुख्यालय भी लाने जा रहे हैं।

 
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