आतंकवाद के खिलाफ एकजुट भारत और ताजिकिस्तान, तीन समझौतों पर हस्ताक्षर
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भारत और ताजिकिस्तान ने रक्षा सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया है। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने और आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए आर्थिक खुफिया सूचनाओं को साझा करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी करार हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान के बीच कट्टरपंथ एवं आतंकवाद से उपजे खतरे और व्यापार एवं निवेश समेत सामरिक मुद्दों पर व्यापक बातचीत के बाद दोनों देशों ने तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों नेता बिना अच्छे और बुरे का भेद किए आतंकवाद के सभी रूप का खात्मा करने पर राजी हुए।
इमोमाली के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता के दरम्यान पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने रक्षा और सुरक्षा समेत द्विपक्षीय संबंध के तहत व्यापक प्रगति का विश्लेषण किया। भारत और ताजिकिस्तान अच्छे पड़ोसी हैं, जो लगातार कई तरह की सुरक्षा चुनौतियों और खतरों का सामना कर रहे हैं। आतंकवाद न सिर्फ भारत और ताजिकिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है। आतंकवाद के चलते पूरे क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता का माहौल पैदा बन गया है।
आतंकवाद सभी देशों की प्रगति और शांति के लिए गंभीर खतरा
मोदी ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग अहम रहा है। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहकर ताजिकिस्तान ने मध्य एशियाई क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई, जिसकी हम सराहना करते हैं। शनिवार को राष्ट्रपति इमोमाली और मैंने पारस्परिक सहमति और प्राथमिकता के आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने पर सहमति जताई है।’
वहीं, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद ने दुनिया भर में विकास के सभी प्रयासों को कमजोर कर दिया है। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद सभी देशों की प्रगति और शांति के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
इसके अतिरिक्त मोदी और इमोमाली ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय को स्वीकार करने के लिए काम करने पर जोर दिया।