{"_id":"58b732e14f1c1bbd5683400c","slug":"india-and-oman-to-begin-joint-military-manueovers-from-6th-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत और ओमान का छह मार्च से संयुक्त युद्धाभ्यास","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारत और ओमान का छह मार्च से संयुक्त युद्धाभ्यास
amarujala.com {Presented by: पवन नाहर}
Updated Thu, 02 Mar 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
आर्मी
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के बकलोह में भारत और ओमान की सेना छह मार्च से संयुक्त युद्धाभ्यास करेगी। यह दोनों देशों की सेना का दूसरा संयुक्त युद्धाभ्यास होगा। इससे पहले जनवरी 2015 में ओमान में पहला संयुक्त युद्धाभ्यास किया गया था।
एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि धौलाधर पर्वत श्रेणी में 19 मार्च तक चलने वाले इस 14 दिवसीय युद्धाभ्यास का लक्ष्य दोनों देशों की सेना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना तथा कौशल एवं अनुभव साझा करना है। इसके लिए इंडियन आर्मी और रॉयल आर्मी ऑफ ओमान की इंफैंट्री बटालियन से 60-60 जवानों को चुना गया है। इससे दोनों पक्षों को एक दूसरे की सैन्य प्रक्रियाएं समझने, एक साथ काम करने तथा साझा खतरों से बेहतर निपटने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हर स्तर पर दोनों पक्षों के बीच पूर्ण एकीकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह युद्धाभ्यास कई मॉड्यूल में किया जाएगा। उन्होंने कहा, आतंकवाद रोधी अभियानों में भारतीय सेना का लंबा अनुभव और विशेषज्ञता ओमान की सेना के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस संयुक्त अभियान से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को विस्तृत स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि धौलाधर पर्वत श्रेणी में 19 मार्च तक चलने वाले इस 14 दिवसीय युद्धाभ्यास का लक्ष्य दोनों देशों की सेना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना तथा कौशल एवं अनुभव साझा करना है। इसके लिए इंडियन आर्मी और रॉयल आर्मी ऑफ ओमान की इंफैंट्री बटालियन से 60-60 जवानों को चुना गया है। इससे दोनों पक्षों को एक दूसरे की सैन्य प्रक्रियाएं समझने, एक साथ काम करने तथा साझा खतरों से बेहतर निपटने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हर स्तर पर दोनों पक्षों के बीच पूर्ण एकीकरण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह युद्धाभ्यास कई मॉड्यूल में किया जाएगा। उन्होंने कहा, आतंकवाद रोधी अभियानों में भारतीय सेना का लंबा अनुभव और विशेषज्ञता ओमान की सेना के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस संयुक्त अभियान से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को विस्तृत स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन