फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India and Afghan Taliban Government Hold Key Meet In Dubai, Discuss Chabahar

India-Afghanistan: अफगानिस्तान में विकास को फिर से रफ्तार देगा भारत, धीरे-धीरे पिघल रही है रिश्तों पर जमी बर्फ

Thu, 09 Jan 2025 05:42 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 09 Jan 2025 05:42 AM IST
सार

अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद दोनों देशों के रिश्ते बुरी तरह बिगड़ गए थे। भारत ने हालांकि सुरक्षा कारणों से विकास कार्य रोक दिए थे, मगर इस बीच मानवीय मदद जारी रखी। इस दौरान दोनों देश कूटनीतिक चैनल के माध्यम से लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहे।

विज्ञापन
India and Afghan Taliban Government Hold Key Meet In Dubai, Discuss Chabahar
विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी - फोटो : X/@MEAIndia

विस्तार

भारत अपने दशकों पुराने मित्र अफगानिस्तान में विकास को नए सिरे से फिर रफ्तार देगा। दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्ताकी के साथ हुई अहम बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक में अफगानिस्तान ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को वरीयता देने का आश्वासन दिया और दोनों देशों के बीच क्रिकेट के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

विज्ञापन


मुलाकात के संदर्भ में विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि बैठक में दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता, लोगों के बीच सदियों पुराना मजबूत संपर्क, क्षेत्रीय विकास और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। मानवीय सहायता के लिए मुत्ताकी ने भारत के नेतृत्व की सराहना की। बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत अफगानिस्तान में चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रम के अलावा निकट भविष्य में विकास योजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा। बैठक में व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चाबहार बंदरगाह के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र और शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए मानवीय मदद बढ़ाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन


 अब आगे क्या
भारत ने अब तक तालिबान सरकार को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत थोड़ा इंतजार करेगा। अगर तालिबान का रुख वाकई सकारात्मक रहा तब चरणबद्ध तरीके से वहां की सरकार को आधिकारिक मान्यता देने के अलावा फिर से दूतावास खोलने, नई दिल्ली स्थिति बंद पड़े अफगान दूतावास में तालिबान सरकार के राजनयिक की नियुक्ति पर हामी भरेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 धीरे-धीरे पिघली रिश्तों पर जमी बर्फ
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद दोनों देशों के रिश्ते बुरी तरह बिगड़ गए थे। भारत ने हालांकि सुरक्षा कारणों से विकास कार्य रोक दिए थे, मगर इस बीच मानवीय मदद जारी रखी। इस दौरान दोनों देश कूटनीतिक चैनल के माध्यम से लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहे। इस क्रम में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व में दो बार भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान का दौरा किया।

 
दूसरे दौरे के बाद अचानक बदली तस्वीर

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह जब सात नवंबर को प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरी बार अफगानिस्तान पहुंचे तब स्थिति में बदलाव आना शुरू हुआ। इस दैरान प्रतिनिधिमंडल ने कार्यवाहक रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात की। इसके बाद भारत ने पहली बार अफगानिस्तान के मुंबई काउंसुलेट में इकरामुद्दीन को काउंसुलेट के रूप में मान्यता दी। फिर तीन दिन पूर्व पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर किए गए एयर स्ट्राइक की खुल कर निंदा की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed