{"_id":"5c59c75dbdec2205dc401c18","slug":"india-among-countries-to-benifit-from-us-china-trade-war","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन-अमेरिका ट्रेड वार से 3.5 फीसदी बढ़ेगा भारत का निर्यात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चीन-अमेरिका ट्रेड वार से 3.5 फीसदी बढ़ेगा भारत का निर्यात
Wed, 06 Feb 2019 07:24 AM IST
Nilesh Kumar
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Nilesh Kumar
Updated Wed, 06 Feb 2019 07:24 AM IST
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव से लाभ हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भारत का निर्यात तकरीबन 3.5 फीसदी बढ़ जाएगा।
बता दें कि पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों के आयात पर भारी शुल्क लगा दिए जाने के बाद से अमेरिका और चीन आपसी ट्रेड वार में उलझे हुए हैं। चीन ने भी जैसे को तैसा की नीति के तहत अमेरिकी उत्पादों के आयात पर अरबों डॉलर का शुल्क लगा दिया था।
व्यापार व विकास पर संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस(यूएनसीटीएडी) की सोमवार को पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे को तैसा वाले व्यापार विवाद से दोनों देशों के छोटे उत्पादकों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी और इसका हल निकलने तक वैश्विक अर्थव्यवथा पर गंभीर असर हो सकता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी निर्यात के 250 अरब डॉलर का हिस्सा अमेरिकी शुल्क के दायरे में आता है, अब जिसका महज 6 फीसदी ही अमेरिकी कंपनियां खरीदेंगी। इसी तरह चीन ने अमेरिका के तकरीबन 85 फीसदी निर्यात पर शुल्क बढ़ाया है, जिसका महज 5 फीसदी हिस्सा ही चीनी कंपनियां खरीदेंगी।
विज्ञापन
बता दें कि पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों के आयात पर भारी शुल्क लगा दिए जाने के बाद से अमेरिका और चीन आपसी ट्रेड वार में उलझे हुए हैं। चीन ने भी जैसे को तैसा की नीति के तहत अमेरिकी उत्पादों के आयात पर अरबों डॉलर का शुल्क लगा दिया था।
विज्ञापन
व्यापार व विकास पर संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस(यूएनसीटीएडी) की सोमवार को पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे को तैसा वाले व्यापार विवाद से दोनों देशों के छोटे उत्पादकों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी और इसका हल निकलने तक वैश्विक अर्थव्यवथा पर गंभीर असर हो सकता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी निर्यात के 250 अरब डॉलर का हिस्सा अमेरिकी शुल्क के दायरे में आता है, अब जिसका महज 6 फीसदी ही अमेरिकी कंपनियां खरीदेंगी। इसी तरह चीन ने अमेरिका के तकरीबन 85 फीसदी निर्यात पर शुल्क बढ़ाया है, जिसका महज 5 फीसदी हिस्सा ही चीनी कंपनियां खरीदेंगी।