फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India 2030: Why there is no talk on jobs in this year budget

आखिर क्यों बजट से गायब हुई नौकरियों की बात

Thu, 02 Feb 2017 06:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 02 Feb 2017 06:17 PM IST
विज्ञापन
India 2030: Why there is no talk on jobs in this year budget

इस साल के बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नौकरियां बढ़ाने को लेकर के किसी तरह के नए कदम उठाने के लिए कोई नई घोषणाएं नहीं की हैं। इससे युवा वर्ग में मायूसी है, क्योंकि पिछले तीन बजट भाषण में जेटली का जोर नौकरियों को बढ़ाने को लेकर भी था। 

विज्ञापन


मोदी राज में नौकरियों में हुई भारी कमी

सरकार के डाटा के अनुसार 2015 में केवल 135000 नए रोजगार के अवसर लोगों को प्राप्त हुये थे, जो कि पिछले 7 सालों में सबसे कम था। यह आंकड़ा यूपीए के शासन काल में सृजित हुई नई नौकरियों से भी 67 फीसदी कम था। 
विज्ञापन


कंपनियों पर टैक्स की मार

सरकार जहां एक तरफ स्किल इंडिया जैसे मिशन चलाकर के रोजगार के नए अवसर पैदा करने की मुहिम में जुड़ी हुई है, वहीं कंपनियों पर टैक्स की ज्यादा मार पड़ने से नई नौकरियों की कमी हो गई है। सरकार इस वक्त छोटी कंपनियों को तो टैक्स छूट देकर के बढ़ावा दे रही है, वही दूसरी तरफ बड़ी कंपनियों पर टैक्स दर को 30 फीसदी कर दिया है। सरकारी बेरूखी के कारण मानव संसाधन में कमी बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


20 मंत्रालयों में चल रहे हैं 70 से अधिक स्किल इंडिया कार्यक्रम

सरकार के आंकड़ों के हिसाब से फिलहाल 20 से अधिक मंत्रालयों में 70 से अधिक स्किल इंडिया कार्यक्रम चल रहे हैं। 2015 में सरकार ने इस कार्यक्रम की शुरूआत की थी और वादा किया था कि अगले 7 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन एक साल में केवल 17.6 लाख लोग इससे जुड़ सके हैं। इनमें से भी केवल 5.8 लाख लोगों ने कोर्स को पूरा किया है, जिसके बाद केवल 82 हजार लोगों को रोजगार मिला है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed