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109 डॉलर पर 71 रूपये लीटर मिलता था पेट्रोल, अब 52 डॉलर पर 68.94 में
प्रशान्त चाहल / बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Dec 2016 02:27 PM IST
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सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने शुक्रवार-शनिवार मध्य रात्रि से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल की क़ीमत में प्रति लीटर 2।21 रुपये और डीजल में 1.79 रुपये का इजाफा हुआ है। इसमें राज्यवार स्थानीय कर (लेवी) शामिल नहीं है।
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इंडियन ऑयल के मुताबिक, कीमतों में इजाफे के बाद दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 66.10 रुपये से बढ़ कर 68.94 रुपये हो गई है। कई हलकों में ये सवाल उठते रहे हैं कि जब विश्व बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत जून 2012 में 109 डॉलर प्रति बैरल थी, तो ग्राहकों को पेट्रोल 71.16 रुपये में मिल रहा था।
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लेकिन फिलहाल जब कच्चा तेल लगभग 52 डॉलर पर मिल रहा है, तो दिल्ली में पेट्रोल 69 (68.94) रुपये से कुछ ही कम दाम पर मिलेगा। कांग्रेस समर्थक और कई लोग इस मामले को मनमोहन सरकार की जनता को राहत पहुंचाने के सफल कोशिश के तौर पर देखते हैं। साल 2012 में मनमोहन सिंह की सरकार थी।
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तेल की कीमतों पर एक नजर
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन हर महीने की पहली और 16 तारीख़ को तेल की दरों में संशोधन करते हैं। पिछले पखवाड़े में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत कीमत के आधार पर यह संशोधन किया जाता है।
पीटीआई के मुताबिक, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके आधार पर भारतीय बाजार में भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि समाचार एजेंसी के मुताबिक भारतीय तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह को दाम बढ़ोतरी की योजना को टालने की बात कही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत:
भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें साल 2014 के मध्य से लगातार घटती रही हैं। इस बीच भारत में भी कई बार तेल के दाम घटे हैं।
साल 2016 की शुरुआत में कुछ विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में और गिरावट हो सकती है और शायद यह 20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाए।
पीटीआई के मुताबिक, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके आधार पर भारतीय बाजार में भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि समाचार एजेंसी के मुताबिक भारतीय तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह को दाम बढ़ोतरी की योजना को टालने की बात कही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत:
भारत अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें साल 2014 के मध्य से लगातार घटती रही हैं। इस बीच भारत में भी कई बार तेल के दाम घटे हैं।
साल 2016 की शुरुआत में कुछ विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में और गिरावट हो सकती है और शायद यह 20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाए।