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अनजाने में त्रुटि: पीएम के जन्मदिन पर मृत व्यक्ति को लगाया गया कोरोना टीका? सरकार ने यह सफाई दी

Thu, 30 Sep 2021 09:25 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 30 Sep 2021 09:25 PM IST
सार

पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश में 2.5 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का रिकॉर्ड बना था। इसी दौरान एक मृत व्यक्ति को भी खुराक देने का आरोप लगाया गया।

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Inadvertent error:  Corona Vaccine given to dead man on PMs birthday? Government clarified this
पीएम मोदी के जन्मदिन पर टीकाकरण अभियान (file photo) - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्र सरकार ने उन आरोपों को आधारहीन बताया है, जिनमें कहा गया है कि पीएम मोदी के जन्म दिन पर मृत लोगों को भी वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में ऐसा एक केस हुआ था, जिसमें टीके लगाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता से अनजाने में यह गलती हो गई। संबंधित व्यक्ति ने टीका लगवाने के लिए पंजीयन कराया तब वह जिंदा था, लेकिन टीका लगवाने के पूर्व उसकी मृत्यु हो गई थी।

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बता दें, पीएम मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को देश में रिकॉर्ड 2.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीके लगाए गए थे। कुछ राज्यों में इस दौरान मृत लोगों को वैक्सीन सर्टिफिकेट दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को कहा कि मप्र में ऐसी एक घटना हुई थी।

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हमने पाया है कि इस व्यक्ति का टीकाकरण के लिए पंजीयन तब किया गया था जब वह जीवित था। उस दिन वह व्यक्ति टीका लगवाने के लिए आने वाला था, दुर्भाग्य से उसकी मृत्यु हो गई। वैक्सीनेटर ने अनजाने में उसके नाम के आगे का बटन दबा दिया, इसलिए यह गलती हो गई, जिसे तत्काल बाद में सुधार लिया गया था।

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पेंडिंग एंट्रियां दर्ज कर रिकॉर्ड बनाने का आरोप बेबुनियाद
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाने के लिए पेंडिंग एंट्रियां करने के आरोप को भी बेबुनियाद बताया। राजेश भूषण ने कहा कि बिहार में डाटा एंट्रियों में देरी का आरोप लगाया गया था, हमने इसे चेक किया और पूरी तरह आधारहीन पाया। बिहार में रोज औसत रूप से 3 से 5 लाख लोगों को टीके लगाए जाते हैं, लेकिन यह कहना पूरी तरह सचाई से परे होगा कि इन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट नहीं दिए गए, उन्हें एसएमएस नहीं भेजे और उनका डाटा अपलोड नहीं किया गया।


राजेश भूषण ने कहा कि हमने ये खबरें चलाने वाले चैनलों व मीडिया हाउसों से कहा है कि वे उन गांवों व लोगों के नाम दें, जहां मृत लोगों के वैक्सीन सर्टिफिकेट जारी करने या डाटा एंट्री रोक कर रखने के मामले सामने आए हैं। भूषण ने कहा कि हमें चैनलों व संस्थानों के इस बारे में जवाब का इंतजार है।
 

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