राजनयिक माध्यमों से पाक के संपर्क में भारत: सुषमा स्वराज
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भारत सरकार ने कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहती है। लोकसभा में लिखित जवाब में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद होने के बाद भी भारत सरकार मानवीय मसलों को सुलझाने एवं लोगों के बीच संपर्क के लिए द्विपक्षीय राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के संपर्क में है।
उन्होंने कहा कि भारत-पाक विदेश सचिव स्तर की वार्ता पठानकोट आतंकी हमले समेत पाकिस्तान से प्रायोजित हमलों के कारण परवान नहीं चढ़ सकी। सरकार आतंकवाद को संरक्षण देने की पाकिस्तान की नीति को अपने कूटनीतिक माध्यमों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के सामने बेनकाब कर रही है। स्वराज ने कहा, ‘कश्मीर मसले के अंतरराष्ट्रीयकरण की पाकिस्तान की कोशिश को भी नाकाम करने में सरकार सक्षम है।’
पाक ने भारत के उप उच्चायुक्त को किया तलब
पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के उप उच्चायुक्त को तलब कर एलओसी पर फायरिंग को लेकर विरोध जताया। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत की ओर से ‘अकारण’ गोलीबारी की गई। विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने एक बयान में बताया कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया और दक्षेस) मोहम्मद फैसल ने भारत के उप उच्चायुक्त जेपी सिंह को तलब किया। उधर, पाकिस्तान ने अपने विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों को जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में अवगत कराया है।
जकारिया ने कहा, ‘पाकिस्तान ने 7 फरवरी 2017 को एलओसी पर खुई रत्ता इलाके में भारतीय सेना द्वारा बेवजह संघर्षविराम का उल्लंघन करने की निंदा की।’ उन्होंने कहा कि भारत की ओर से की गई गोलीबारी में 25 साल के एक युवक की मौत हो गई जो एक निर्माणाधीन घर में मजदूरी कर रहा था।
जकारिया ने कहा, ‘महानिदेशक ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने की निंदा की, जो एक अपराध के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों और कानूनों का उल्लंघन है।’ महानिदेशक ने भारतीय पक्ष से 2003 के संघर्षविराम का सम्मान करने की अपील की। साथ ही इस मामले और दूसरे संघर्षविराम उल्लंघनों की जांच करने का भी अनुरोध किया।