पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण से 12 फीसदी भारत भूस्खलन की जद में, ये हैं 2018 की बड़ी घटनाएं
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भूस्खलन जैसी घटनाओं से लोगों के जीवन और संपत्ति को बचाना अब काफी मुश्किल हो गया है। हर साल ऐसी घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। साल 2018 में भी देश के कई राज्यों में भूस्खलन आए। जिसमें जानमाल और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। भूस्खलन का मुख्य कारण पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्य का होना भी है। लेकिन यह भारी बारिश के कारण भी आते हैं।
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भूस्खलन जैसी घटनाओं से लोगों के जीवन और संपत्ति को बचाना अब काफी मुश्किल हो गया है। हर साल ऐसी घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। साल 2018 में भी देश के कई राज्यों में भूस्खलन आए। जिसमें जानमाल और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। भूस्खलन का मुख्य कारण पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्य का होना भी है। लेकिन यह भारी बारिश के कारण भी आते हैं।
अनुमान के मुताबिक भूस्खलन के कारण कई विकासशील देशों में आर्थिक नुकसान सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 1-2 फीसदी के बीच पहुंच सकता है। भूस्खलन के कारण होने वाली मौत की 80 फीसदी घटनाएं विकासशील देशों में घटी हैं।
भारत के 12.6 फीसदी भूमि क्षेत्र पर भूस्खलन का खतरा है। इसमें बर्फ वाले इलाके को शामिल नहीं किया गया है। इस भूमि क्षेत्र में उत्तर पूर्व हिमालय (दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय क्षेत्र), उत्तर पश्चिम हिमालय (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश औ जम्मू एवं कश्मीर), पश्चिमी घाट और कोंकण की पहाड़ियां (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र) और आंध्रप्रदेश में अरुकु क्षेत्र का पूर्वी घाट शामिल है।
2018 की ये हैं बड़ी घटनाएं
- असम के गुवाहाटी में 24 अगस्त, 2018 को भारी बारिश के कारण जोराबाट इलाके के शंकरदेव नगर और हस्तिनापुर में भूस्खलन हुआ। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद 31 अगस्त, 2018 को खारघुली इलाके में भूस्खलन हुआ, जिससे यहां संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।
- राजस्थान के जयपुर में ट्रांसपोर्ट नगर के पास 19 अगस्त, 2018 को भूस्खलन हुआ था। ये भूस्खलन भारी बारिश के कारण हुआ। इन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हो गए। इसके साथ ही घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
- कर्नाटक के कोडागु जिले में 15 से 17 अगस्त, 2018 के बीच में भूस्खलन हुए थे। इस जिले में औसत से 32 फीसदी अधिक बारिश हुई जिससे यहां कई भूस्खलन आए। इससे यहां जानमाल और संपत्ति का काफी नुकसान हुआ। इस दौरान क्षेत्र में करीब 105 भूस्खलन आए थे।
- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एनएच-22 पर 13 और 14 अगस्त, 2018 को भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं। भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं और भी बढ़ गईं। इससे यातायात अवरुद्ध हो गया था।
- सिक्किम के पूर्वी जिले में 10 अगस्त, 2018 को भूस्खलन आया था। इससे यहां की सड़कों में दरार पड़ गईं और घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
- मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के लकचाओ गांव में 2 अगस्त, 2018 को भूस्खलन आया था। इस दौरान यहां भारी बारिश भी हुई। जिससे इम्फाल-मोरेह रोड ब्लॉक हो गया। इसका एक अन्य कारण पर्वतीय क्षेत्र पर निर्माण होना भी बताया गया था।
- सिक्किम में काबी के पास 2 अगस्त, 2018 को भारी बारिश के कारण जुलाई के महीने में भूस्खलन आया। जिससे हफ्तों तक सड़क और हाईवे अवरुद्ध रहे।
- मणिपुर में कंगपोकपी जिले के कालिखोला में भारी बारिश के कारण 23 जुलाई, 2018 को भूस्खलन आया था। इसी समय के आसपास एक भूस्खलन की घटना और हुई। इसके मलबे से यहां के गांवों को भारी नुकसान पहुंचा।
- मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में भारी बारिश के कारण 11 जुलाई, 2018 को भूस्खलन आया था। जिससे आसपास के गांवों में आठ लोगों की मौत हो गई। यहां घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
- नागालैंड के फेक जिले में जुलाई, 2018 को भूस्खलन आया। लगातार एक हफ्ते तक हुई बारिश के कारण इससे जानमाल को काफी नुकसान पहुंचा।
- मणिपुर के ही उखरुल जिले में जुलाई, 2018 में भूस्खलन आया था। जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
- केरल के इडुक्की जिले में जून और जुलाई, 2018 के दौरान 10 भूस्खलन आए। जिससे खेतों को भारी नुकसान पहुंचा और सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
- असम के दीमा हसाओ जिले में 12 से 14 जून को हुई भारी बारिश के कारण 14 जून, 2018 को भूस्खलन आया। इससे रेल सेवा कई दिनों तक अवरुद्ध रही।
- मणिपुर के उखरुल जिले में 14 जून, 2018 भूस्खलन आया। जिससे संपत्ति और सड़क को काफी नुकसान पहुंचा।
- मणिपुर के नोने जिले में 6 जून और 12 जून 2018 को भूस्खलन आया। जिससे हाईवे को काफी नुकसान हुआ।
- कर्नाटक के कोडागु जिले में भारी बारिश के बाद 9 और 10 जून को भूस्खलन आया।
- मिजोरम के लुंगली जिले में 4 जून, 2018 को आए भूस्खलन में एक घर पूरी तरह से पत्थरों के नीचे दब गया था। पड़ोसियों और एनजीओ दो परिवारों के 14 में से चार लोगों को ही बचा सके। बाकी के 10 लोगों की मौत हो गई।
- केरल के कन्नुर और वायनाड जिले में जून के दूसरे हफ्ते में विभिन्न इलाकों में 36 भूस्खलन हुए। जिसमें जानमाल का भारी नुकसान पहुंचा। कोझिकोड जिले के कट्टीपरा पंचायत में ही 14 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा मल्लपुरम जिले में भी इसी महीने में करीब 13 भूस्खलन हुए थे।
- त्रिपुरा के गोमती जिले में 18 मई, 2018 को भारी बारिश के बाद भूस्खलन आए। जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए।
- मेघालय की ईस्ट जयंतिया पहाड़ी में 7 मई, 2018 को आए भूस्खलन में कई महत्वपूर्ण मार्ग काफी समय तक अवरुद्ध रहे।
- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 10 मार्च, 2018 को आए भूस्खलन में 106 घरों में रहने वाले 400 लोग प्रभावित हुए थे।