फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   In 1984, IAF could have inflicted major damage on Pak nuclear facilities

पाक न्यूक्लियर प्लांट पर 1984 में हमला कर सकती थी भारतीय वायुसेना

Tue, 31 Jan 2017 04:56 AM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन/नई दिल्ली 
एजेंसी/ वाशिंगटन/नई दिल्ली  Updated Tue, 31 Jan 2017 04:56 AM IST
विज्ञापन
In 1984, IAF could have inflicted major damage on Pak nuclear facilities

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के गोपनीय दस्तावेजों में कहा गया है कि वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पाक के परमाणु संयंत्र पर भारतीय वायुसेना बड़ा हमला कर सकती थी, जिससे पाकिस्तान को भारी क्षति होती। इस हमले के बाद पड़ोसी देश के परमाणु प्रोजेक्ट कई साल पीछे खिसक जाते। 

विज्ञापन


सीआईए द्वारा जारी कुछ दस्तावेजों में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतीय वायुसेना का यह हमला इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नवंबर 1984 में किया जा सकता था। दस्तावेजों के मुताबिक यदि भारत इस हमले को अंजाम दे देता तो पाकिस्तान के परमाणु संयंत्र को इतनी जबरदस्त क्षति होती कि इस्लामाबाद कई साल तक परमाणु हथियारों के उत्पादन की सोच भी नहीं पाता। उस वक्त ‘पाकिस्तान की कमांड, कंट्रोल और संचार काफी खराब हालत में था जिसकी वजह से वह भारत के हमले का न तो जवाब दे पाता और न ही उसे रोक पाता।’
विज्ञापन


दस्तावेजों के मुताबिक पाकिस्तान 1984 तक अपनी एयरफोर्स को ठीक सुविधाएं देने में सक्षम नहीं था। हालांकि कागजातों में इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि हमले के लिए भारत किन जहाजों का इस्तेमाल करता, लेकिन माना जा रहा है कि भारत मिग-23 या जगुआर एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल कर सकता था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने अपने हजारों गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा किया है, जिनमें से एक में भारत-पाक संबंधों का जिक्र है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

... तो पाक पर बम बरसाते भारतीय लड़ाकू विमान

In 1984, IAF could have inflicted major damage on Pak nuclear facilities
सीआईए की इस गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त भारत के पास मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिग-29 एक बड़ी ताकत थी, जिसकी खरीद जल्द ही होनी थी। इसका मुकाबला करने में पाकिस्तान सक्षम नहीं था। पाक के पास मौजूद एफ-16 विमानों की तुलना में मिग-29 की मारक क्षमता जबरदस्त थी, जिनके दम पर भारत पाक की वायु सीमा को अपने कब्जे में कर वहां के परमाणु संयंत्रों को अपने नियंत्रण में ले सकता था।

महज 30 मिनट की दूरी पर थे पाक के एटमी संयंत्र
भारतीय वायुसेना द्वारा जहां हमला किया जाता उसमें कठुआ का इनरिचमेंट प्लांट और इंस्टेक-न्यू लेबोरेटरी फेसिलिटी शामिल हो सकते थे। ये दोनों ही जगह भारत से मात्र 30 मिनट की दूरी पर हैं। दस्तावेजों के मुताबिक भारत की वायुसेना पाक एयरफोर्स से बड़ी और बेहतर थी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed