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मौसम विज्ञान विभाग: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दी दस्तक
Fri, 04 Jun 2021 12:29 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 04 Jun 2021 12:29 AM IST
सार
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गुरुवार को केरल में दस्तक दे दी है, जबकि इसके आने की तारीख एक जून की थी।
- अगले दो दिनों में मॉनसून के दक्षिण अरब सागर और केरल के बाकी हिस्सों में बढ़ने की संभावना।
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केरल पहुंचा मानसून
- फोटो : ANI
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विस्तार
मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गुरुवार को केरल में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही देश में चार महीने के बारिश के मौसम की शुरुआत हो गई है। वहीं अगले दो दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, केरल के बाकी हिस्सों और लक्षद्वीप के दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और मध्य बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ने की संभावना है।
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तिरुवनंतपुरम मे दोपहर 1.30 बजे आईएमडी की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में यह बताया गया है कि विभाग ने देश में 14 मौसम निरीक्षण स्टेशन बनाए हैं। इन स्टेशनों में 60 प्रतिशत स्टेशनों पर दो दिनों से लगातार 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। यह मानसून का सबसे प्रमुख लक्षण है।
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तिरुवनंतपुरम में जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक लक्षद्वीप के अधिकांश इलाकों और केरल के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल के दक्षिणी हिस्सों में शुरुआत कर दी है।'
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इस बार दो दिन की देरी से आया मानसून
आईएमडी के मुताबिक केरल के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत सामान्यत: एक जून को होती है लेकिन इस बार यह दो दिन की देरी से आया। पिछले छह वर्षों में यह तीसरी बार है जब मानसून देर से आया है। 2016 और 2019 में, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल के ऊपर आठ जून को दस्तक दी थी।
अच्छा मानसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम है जो अब भी बहुत हद तक कृषि एवं संबंधित गतिविधियों पर आधारित है। मौसम विभाग ने कहा कि देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश के मौसम के दौरान सामान्य से लेकर सामान्य से ऊपर बारिश होने का अनुमान है।
केरल में बारिश के साथ ही आईएमडी ने आठ जिलों- पथनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की, कोझीकोड, कन्नूर और कसारगोड- के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है जिसका मतलब है कि यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो दिनों में दक्षिण अरब सागर और मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, केरल के शेष हिस्सों, लक्षद्वीप, तमिलनाडु के कुछ भागों, पुडुचेरी, तटीय एवं कर्नाटक के अंदरूनी दक्षिणी हिस्सों, रायलसीमा और दक्षिण एवं मध्य बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने पहले पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि केरल में मानसून 31 मई के करीब दस्तक देगा। निजी मौसम पूर्वानुमान केंद्र स्काईमेट ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 मई को केरल के ऊपर दस्तक दे दी थी। हालांकि मौसम विभाग ने कहा कि मानसून के आने की घोषणा करने जैसी स्थितियां नहीं बनी थीं।
आईएमडी के मुताबिक, केरल के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत होने की घोषणा के लिए तीन मापदंड पूरे होने चाहिए- अगर 10 मई के बाद, मिनिकोय, अमिनी, तिरुवनंतपुरम, पुनालूर, कोल्लम, अल्लपुझा, कोट्टायम, कोच्चि, त्रिशूर, कोझिकोड, तालचेरी, कन्नूर, कुडुलू और मंगलूरू समेत 14 केंद्रों में से 60 प्रतिशत केंद्र लगातार दो दिन 2.5 मिलिमीटर या उससे ज्यादा वर्षा दर्ज करते हैं तो केरल में मानसून पहुंचने की दूसरे दिन घोषणा की जा सकती है बशर्ते दो अन्य मापदंड भी साथ-साथ पूरे हो रहे हों।
इस बारिश के साथ हवा की गति भी देखी जानी चाहिए। भूमध्य रेखा में आक्षांश 10-डिग्री उत्तर और देशांतर 55 डिग्री से 80-डिग्री पूर्व में, पश्चिमी हवाओं की गति 600 हेक्टोपास्कल (एचपीए) तक होनी चाहिए।
मौसम विभाग ने कहा कि ‘आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन’ (ओएलआर) 200 वाट प्रति वर्ग मीटर (डब्ल्यूएम-2) अक्षांश 5-10 डिग्री उत्तर और देशांतर 70-75 डिग्री पूर्व में सीमित होना चाहिए आईएमडी ने कहा कि ये सभी मापदंड बृहस्पतिवार को पूरे हुए।
पिछले साल मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में मानसून के दस्तक देने के अपने पूर्वानुमान की तारीखों में बदलाव किया था। मानसून के दस्तक देने की संशोधित तारीखों के मुताबिक, मुंबई में मानसून के आने की सामान्य तारीख 11 जून है, दिल्ली में 27 जून, चंडीगढ़ में 28 जून तथा बाड़मेर में पांच जुलाई है। बीकानेर और पोकरण में मानसून छह जुलाई को सामान्य रूप से पहुंचता है और तब तक यह पूरे देश में दस्तक दे चुका होता है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून 2021 को लेकर अपने दूसरे दीर्घकालिक पूर्वानुमान में कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर और दक्षिण भारत में सामान्य रहने की उम्मीद है और मध्य भारत में यह सामान्य से ज्यादा तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में यह सामान्य से कम रहेगा।
हालांकि आईएमडी ने कहा कि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत जैसे बिहार के पूर्वी हिस्सों, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, असम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण पश्चिम प्रायद्वीपीय भारत, केरल के कुछ हिस्से, तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु के कुछ अंदरूनी इलाकों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।