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लगातार पांचवा सबसे गर्म साल होगा 2018, 1901 के बाद पहली बार बने ऐसे हालात

Sun, 13 May 2018 03:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 13 May 2018 03:23 PM IST
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IMD has issued warning that heatwave conditions are likely to prevail in whole country

इस समय देश का तापमान काफी तेजी से बढ़ रहा है। एक स्टडी में 1901 से लेकर अब तक के सालों का अध्ययन किया गया है। 118 सालों की स्टडी में यह पता चला है कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान में असामान्य तौर से बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। पिछले 15 साल के दौरान गर्मियों के 9 सीजन में 31 डिग्री अधिक तापमान रहा है। 2014, 2015 और 2016 के बाद 2017 चौथा सबसे गर्म सीजन रहा था। 

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विशेषज्ञों के अनुसार 2018 लगातार पांचवा सबसे गर्म सीजन रहेगा। 17 राज्यों में पारा सामान्य से 1.6 से 5.1 डिग्री तक ज्यादा रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और विदर्भ में रविवार के लिए लू की चेतावनी जारी कर दी गई है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल में पारा सामान्य से 3 से 5.1 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया है। वहीं विदर्भ, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में पारा सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री ज्यादा रहा। विदर्भ, छत्तीसगढ़, दिल्ली व गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में पारा 40 डिग्री से ज्यादा रहा है।
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20वीं सदी से तापमान लगातार बढ़ रहा है। 2001 से 2016 के बीच न्यूनतम और उच्चतम तापमान में लगातार वृद्धि देखी गई है। 1901 से न्यूनतम और उच्चतम तापमान क्रमश: 1.07 और 1.18 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। 2001-17 के बीच सर्दी के सीजन में औसत तापमान 15 डिग्री रहा। 2009 में सर्दी का सीजन सबसे गर्म रहा। इस सीजन में तापमान 16.25 डिग्री सेल्सियस रहा। इसका यह मतलब है कि जहां गर्मी में गर्मी बढ़ी है तो वहीं ठंड में सर्दी बढ़ रही है।
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भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक चेतन शर्मा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राजस्थान में पारा 47-50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मई और जून में राजधानी जयपुर में पारा 45 डिग्री के आसपास रहने की आशंका है। बीकानेर, चुरू सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। लू से 1970-74 के बीच 2029 मौतें हुई। जबकि साल 2015 में ही अकेले 2081 लोगों की मौतें हुई थीं।

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