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सीरिया में मौजूद है इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी सफी अरमार

Fri, 27 May 2016 01:24 AM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 May 2016 01:24 AM IST
सार

  • मरने की खबर गलत, सीरिया में आईएस के लिए कर रहा है काम 
  • अरमार ने ही 26 जनवरी को आतंकी वारदातों के लिए 14 लड़के किए थे तैयार 
  • आईएस के नाम पर इंडियन मुजाहिदीन को मजबूत करने की मुहिम में लगा है 

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IM's terrorist Safi Armar not died, living in Syria
अाईएस

विस्तार

देश के युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती कराने वाला इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का पुराना आतंकी सफी अरमार सीरिया में जिंदा है। लंबी तहकीकात के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सफी अरमार के सटीक ठिकाने और उसके जिंदा होने की खबर मिली है। अरमार वही शख्स है, जिसने इस साल 26 जनवरी के आसपास आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए 14 लड़कों को तैयार किया था।

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अरमार इन लड़कों को आईएस के लिए जहां, रहो वहीं से जेहाद करो के नारे पर काम करने के लिए तैयार कर लिया था। लड़कों की भर्ती, योजना और पैसे के इंतजाम इंटरनेट के जरिये ही किए गए थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इन 14 लड़कों को देश  के अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार कर पूरी योजना को नाकाम कर दिया था।
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इसी जांच में सफी अरमार का नाम सामने आया था। लेकिन पहले एजेंसियों को खबर मिली थी कि अरमार की सीरिया में मौत हो चुकी है। लेकिन खुफिया एजेंसियों को मिली ताजा इलेक्ट्रॉनिक फुट प्रिंट के मुताबिक अरमार सही सलामत है और भारत में आईएस के नाम पर लड़कों की भर्ती का काम भी जारी है।

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वेबसाइट के जरिये भेजता है संदेश

IM's terrorist Safi Armar not died, living in Syria
आईएसआईएस - फोटो : Reuters

सफी यूसुफ के नाम से अपना काम करता है। वह जनूद-अल-खलीफा-ए- हिंद नाम की वेबसाइट के जरिये अपना संदेश भेजता है। इस मामले के जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कर रही है। एनआईए सूत्रों  के मुताबिक सफी 2008 में आईएम के खिलाफ देशव्यापी मुहिम से पहले ही अफगानिस्तान भाग गया था।

सूत्रों के मुताबिक आईएसआईएस के उभरने  के बाद उसे आईएम में नई जान फूंकने की तरकीब सूझी। खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अरमार लड़कों को आईएस से प्रभावित कर दरअसल आईएम को फिर मजबूत करने का काम कर रहा है।

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