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कोरोना जांच: आईआईटी खड़गपुर के शोधार्थियों ने बनाई नई मशीन, एक घंटे में परिणाम
Wed, 21 Oct 2020 10:28 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 21 Oct 2020 10:28 PM IST
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कोवीरैप मशीन
- फोटो : एएनआई
आईआईटी खड़गपुर ने कोविड-19 की जांच के लिए कम लागत वाली एक मशीन विकसित की है, जो एक घंटे के अंदर जांच के नतीजे देगी। इसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से भी प्रमाणन मिल गया है। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार 'कोवीरैप' एक घंटे में नतीजे दे सकता है। यह दूर-दराज के और ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के कार्य में तेजी लाने के लिए एक प्रभावी हथियार साबित हो सकता है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा, 'इस आविष्कार ने आम आदमी के लिए कोविड-19 की उच्च गुणवत्तायुक्त और सटीक नतीजे देने वाली जांच प्रणाली को जांच की करीब 500 रुपये की लागत के साथ वहनीय बना दिया है। इस खर्च को सरकारी सहायता के जरिए और भी घटाया जा सकता है। यह मशीन 10,000 रुपये से भी कम लागत पर विकसित की जा सकती है। इसमें न्यूनतम मूलभूत ढांचे की जरूरत होगी और जांच प्रक्रिया एक घंटे के अंदर पूरी हो जाएगी।'
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उन्होंने कहा कि यह उपकरण ग्रामीण भारत में काफी संख्या में लोगों को लाभान्वित करेगा क्योंकि इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक वीके तिवारी ने बताया कि यह मशीन काफी हद तक पीसीआर-आधारित जांच की जगह लेने वाली है। संस्थान एक सीमा तक जांच किट का उत्पादन करेगा। लेकिन इसके पेटेंट लाइसेंस से मेडिकल प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए इसके वाणिज्यीकरण करने के अवसर को प्रोत्साहन मिलेगा।
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