{"_id":"5fb5231e8ebc3e1a26444e9d","slug":"iit-kharagpur-invents-eco-friendly-food-packaging-material-made-of-cucumber-peels","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी खड़गपुर का कमाल, खीरे के छिलकों से होगी खाद्य पदार्थों की पैकिंग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आईआईटी खड़गपुर का कमाल, खीरे के छिलकों से होगी खाद्य पदार्थों की पैकिंग
Wed, 18 Nov 2020 07:05 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 18 Nov 2020 07:05 PM IST
विज्ञापन
खीरा
- फोटो : पिक्साबे
आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है, ऐसे विकल्प तलाश किए जा रहे हैं जो पूरी तरह ईको फ्रेंडली यानी पर्यावरण हितैषी हों और प्लास्टिक का स्थान ले सकें। इस रास्ते में आईआईटी खड़गपुर की नई खोज मील का पत्थर साबित हो सकती है। संस्थान के अनुसंधानकर्ताओं ने खीरे के छिलकों से ऐसी सामग्री बनाई है जिसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में किया जा सकता है।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के अनुसंधानकर्ताओं ने खीरे के छिलकों से सेल्युलोज नैनो क्रिस्टल विकसित किए हैं। इस खोज से भविष्य में पर्यावरण हितैषी खाद्य पैकेजिंग सामग्री बनाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वैसे तो एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से पर्यावरण के प्रति जागरूक ज्यादातर उपभोक्ता परहेज कर रहे हैं लेकिन इस तरह के पॉलीमर अब भी खाद्य पैकेजिंग सामग्री के तौर पर इस्तेमाल में हैं।
विज्ञापन
आईआईटी खड़गपुर ने एक बयान में कहा कि प्रोफेसर जयिता मित्रा और शोधकर्ता एन साईं प्रसन्ना ने खीरे के छिलके से सेल्युलोज नैनो सामग्री विकसित की। इस काम ने खाद्य पैकेजिंग सामग्री के पर्यावरण अनुकूल विकल्प ढूंढने की चुनौती का समाधान कर दिया है। कृषि एवं खाद्य अभियांत्रिकी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. मित्रा ने कहा कि सालों से खाद्य पैकेजिंग में पेट्रोलियम आधारित प्लास्टिक का बढ़ता इस्तेमाल प्रदूषण का स्रोत बन गया है।
विज्ञापन
डॉ. मित्रा ने अपनी इस खोज को लेकर कहा कि खीरे के छिलके या पूरे खीरे के प्रसंस्करण के बाद अविशष्ट अपशिष्ट के तौर पर 12 फीसद अपशिष्ट निकलता है। हमने इस प्रसंस्कृत सामग्री से सेल्युलोज अवशेष का इस्तेमाल किया है। उन्होंने अपनी खोज के बारे में बताया, ‘हमारा अध्ययन बताता है कि खीरे से बनाए गए सेल्युलोज नैनो क्रिस्टल में बदलाव संबंधी विशेषताएं होती हैं। इससे बेहतर जैव अपक्षरण और जैव अनुकूलन बातें सामने आई हैं।’
Cucumber-A Good Digestive Vegetable, Its Peels Also Very Useful as Eco-friendly Packaging Materials@PMOIndia @narendramodi @MoHFW_INDIA @IITKgp @PIB_India @DDBanglaNews @airnews_kolkata pic.twitter.com/n2l6iN5i1J
— PIB in West Bengal (@PIBKolkata) November 17, 2020