IIT दिल्ली में मंदी बेअसर! पहले ही दिन रिकॉर्ड 419 छात्रों को मिली नौकरियां
- माइक्रोसॉफ्ट ने सबसे ज्यादा 30 छात्रों को दी नौकरियां
- अंतरराष्ट्रीय बाजार की बजाय भारत में ही काम करना छात्रों की पहली पसंद
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400 कंपनियों ने लिया हिस्सा
सबसे ज्यादा कोर सेक्टर (टेक्निकल) में 86 छात्रों को नौकरियां मिली हैं। इसके बाद आईटी सेक्टर में 81 छात्रों को जॉब्स मिलीं। प्लेसमेंट सीजन में लगभग 400 छोटी-बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। कंपनियों ने लगभग 600 अलग-अलग प्रोफाइल पर काम करने के लिए छात्रों के सामने अवसर उपलब्ध करवाए थे। वहीं सबसे ज्यादा सेलरी वाले ऑफर के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि छात्रों को करोड़ों का पैकेज मिला है, जो आईआईटी दिल्ली की साख को मजबूत करने वाला है। प्लेसमेंट में 16 ऑफर क्वैलकॉम और 12 ऑफर गोल्डमैन सैशे की तरफ से दिए गए।
भारत में ही काम करना युवाओं की पहली पसंद
आईआईटी दिल्ली के छात्रों के प्लेसमेंट सीजन में यह बात बहुत ध्यान खींचने वाली है कि छात्रों ने विदेशी नौकरी की बजाय भारत में ही नौकरी करने को तरजीह दी है। माइक्रोसोफ्ट ने जिन 30 छात्रों को नौकरी दी है, उनमें केवल दो इंटरनेशनल हैं, जबकि बाकी 28 नौकरियां भारतीय बाजार के लिए हैं। इसी प्रकार इंटेल के जरिए उपलब्ध कराई गई नौकरियां भारत में ही हैं। आईआईटी दिल्ली के निदेशक वी गोपालराव ने कहा है कि छात्रों के बीच घरेलू बाजार में काम करने की बढ़ रही उत्सुकता देश के भविष्य के लिहाज से बेहद अच्छा है। इससे भारत भी नई तकनीकी के मामले में शेष दुनिया के सामने ज्यादा बेहतर ढंग से खड़ा हो सकेगा। वहीं विदेश में जॉब के दो ऑफर उबर यूएसए और स्क्वॉयरपाइंट सिंगापुर की तरफ से मिले।
कोर और आईटी सेक्टर सबसे ऊपर
छात्रों को नौकरियां देने के मामले में कोर तकनीकी और आईटी सेक्टर सबसे ऊपर रहा। कोर सेक्टर में 86 छात्रों को नौकरियां मिलीं (पिछले वर्ष भी कोर सेक्टर में सबसे ज्यादा 92 छात्रों को नौकरियां मिली थीं), तो एक तिहाई नौकरियां आईटी सेक्टर में मिली हैं। इसे पूरी दुनिया में तकनीकी के बढ़ते प्रभाव का असर माना जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के जरिए सबसे ज्यादा नौकरियों का मिलना भी इसका एक अहम लक्षण माना जा सकता है।
हालांकि, कंसल्टिंग क्षेत्र छात्रों को नौकरी देने के मामले में 17 फीसदी के आंकड़े के साथ काफी अहम माना जा रहा है। यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि आर्थिक प्रक्रिया के कारोबार करने वाली कंपनियों ने भी लगभग नौ फीसदी रोजगार उपलब्ध करवाए हैं।