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क्या फिर मसूद अजहर को बचाएगा चीन? काट के लिए भारत ने भी बनाई रणनीति
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:36 AM IST
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मसूद अजहर
- फोटो : social media
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आतंकी मसूद अजहर को लेकर चीन को अपना ताजा रुख अगले हफ्ते तक साफ करना होगा। इस आतंकी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन का 'तकनीकी होल्ड' इस हफ्ते खत्म हो रहा है और इस मामले पर चीन के ताजा रुख के बाद ही भारत का अगला कदम तय होगा।
दरअसल, चीन ने इसी साल 31 मार्च को जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के रास्ते में अड़ंगा लगा दिया था। सुरक्षा परिषद में चीन की इस चाल से भारत की जैश-ए-मोहम्मद पर बैन लगाने की योजना भी नाकामयाब हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 देशों में समूह में अकेला चीन ही ऐसा था जिसने मसूद को आतंकी घोषित किए जाने के फैसले को 'होल्ड' पर रखा था। अगर मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी घोषित कर दिया जाता है तो उसकी संपत्ति फ्रीज कर दी जाएगा। इतना ही नहीं, उसके यात्रा करने पर भी रोक लगा दी जाएगी।
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दरअसल, चीन ने इसी साल 31 मार्च को जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने के रास्ते में अड़ंगा लगा दिया था। सुरक्षा परिषद में चीन की इस चाल से भारत की जैश-ए-मोहम्मद पर बैन लगाने की योजना भी नाकामयाब हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 देशों में समूह में अकेला चीन ही ऐसा था जिसने मसूद को आतंकी घोषित किए जाने के फैसले को 'होल्ड' पर रखा था। अगर मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी घोषित कर दिया जाता है तो उसकी संपत्ति फ्रीज कर दी जाएगा। इतना ही नहीं, उसके यात्रा करने पर भी रोक लगा दी जाएगी।
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चीन
चीन
- फोटो : social media
अगर चीन सुरक्षा परिषद में मसूद को लेकर अपने 'होल्ड' को आगे नहीं बढ़ाता है तो मसूद आतंकी घोषित हो जाएगा। इसके साथ ही उसका संगठन जैश ए मोहम्मद भी बैन संगठनों की सूची में शामिल हो जाएगा। अगर चीन अपना रुख नहीं बदलता है तो सुरक्षा परिषद इस मामले को विचार के लिए रख लेगी। हालांकि दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों के बीच नवंबर में हुई बैठक में संकेत मिले थे कि चीन अपने रुख पर कायम रहेगा।
हालांकि भारत चीन के फैसले के बाद अपनी रणनीति बना चुका है। भारत मसूद के अलावा कई दूसरे आतंकियों जैसे मसूद अजहर के भाई, अब्दुल रउफ असगर, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कुछ और आतंकियों पर बैन लगाने का प्रस्ताव रख सकता है।
हालांकि भारत चीन के फैसले के बाद अपनी रणनीति बना चुका है। भारत मसूद के अलावा कई दूसरे आतंकियों जैसे मसूद अजहर के भाई, अब्दुल रउफ असगर, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कुछ और आतंकियों पर बैन लगाने का प्रस्ताव रख सकता है।