कुलभूषण केस: भारत बना इंटरनेशनल खिलाड़ी, पाकिस्तान की हर मांग खारिज

amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Thu, 18 May 2017 06:11 PM IST
ICJ
ICJ - फोटो : HT
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने फिलहाल अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने फिलहाल कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। फैसला सुनाने से पहले कोर्ट ने कहा कि विएना संधि के अनुसार जाधव को काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए था। कोर्ट ने मामले में पाकिस्तान की ओर से रखी गई लगभग सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें- ICJ ने पाकिस्तान को मारा 'पंच', जाधव मामले पर हर दलील खारिज


अंतरराष्ट्रीय अदालत ने कहा जब दोनों ही देश विएना संधि पर हस्ताक्षर कर चुके हैं तो जाधव की काउंसलर एक्सेस की मांग सुनी जानी चाहिए थी। कोर्ट के अनुसार अभी यह ही तय नहीं हो पाया है कि जाधव आतंकवादी थे भी या नहीं। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक वह इस संबंध में कोई फैसला नहीं सुना दे तब तक पाकिस्तान जाधव को फांसी नहीं देगा।

बता दें कि सुनवाई के दौरान भारत ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की ओर से दी गई फांसी की सजा खत्म करने की मांग की थी। भारत ने आशंका जताई थी कि जाधव को सुनवाई खत्म होने से पहले ही फांसी दी जा सकती है। भारतीय नौसेना के पूर्व नेवी अफसर 46 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान ने 3 मार्च को गिरफ्तार किया था।

ये भी पढ़ें- पाक के सभी दावों की निकली हवा, पढ़ें ICJ में भारत-पाक की दलीलें

पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी करने और तोड़फोड़ की कार्रवाई में शामिल होने का आरोप लगा कर उसे फांसी की सजा सुना दी थी। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति की थी और कहा था कि जाधव का अपहरण किया गया है।

फांसी की सजा रोकने से इनकार करने और जाधव तक राजनयिक पहुंच न देने पर भारत इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में ले गया। आठ मई को मामला दाखिल करते हुए भारत ने जाधव मामले में पाकिस्तान पर विएना समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

भारत ने कहा था कि जाधव के खिलाफ पाकिस्तान के पास कोई सबूत नहीं है। उसे फर्जी आरोपों के आधार पर फांसी दी जा रही है। दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना था कि जिस वियेना समझौते का भारत उल्लंघन का आरोप लगा रहा है उसके तहत आतंकी गतिविधियों में शामिल जासूस तक राजनयिक पहुंच देने का प्रावधान नहीं है।

उसने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल  करने का आरोप लगाया। पिछली बार अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत पाकिस्तान का सामना 18 साल पहले हुआ था। 

भारत की दलील और पाकिस्तान का तर्क 

भारत की दलील 
जाधव को फांसी की सजा देकर पाकिस्तान ने वियेना समझौते का उल्लंघन किया है। जाधव के खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। उसे फर्जी आरोपों के आधार पर फांसी दी जा रही है। 
पाकिस्तान का तर्क 
जिस वियेना समझौते का भारत उल्लंघन का आरोप लगा रहा है उसके तहत आतंकी गतिविधियों में शामिल जासूस तक राजनयिक पहुंच देने का प्रावधान नहीं है। 
क्या है आरोप 
जाधव पर पाकिस्तान ने जासूसी करने और तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00