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राज्यसभा में गृहमंत्री का बयान, आतंकवाद को पोसता 'ये पड़ोसी है कि मानता नहीं'
टीम डिजिल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:55 PM IST
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सदन में बयान देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : ani - file
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान में हुई सार्क बैठक पर शुक्रवार को राज्यसभा में बयान दिया। गृहमंत्री ने कहा कि आतंकियों को शहीद कहा जाना बंद हो। उन्होंने कहा कि भारत का पक्ष रखते हुए मैंने अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद में फर्क ना करने को कहा। सार्क के गृहमंत्रियों को सलाह दी कि आतंकवादियों पर विश्व समुदाय की ओर लगाए गए प्रतिबंध का सम्मान किया जाए।
सार्क सम्मेलन में गृहमंत्री ने जोर देकर कहा कि दक्षिण एशिया समेत पूरे विश्व में आतंक का खतरा मंडरा रहा है। भारत ने हमेशा आतंक पर अपना कड़ा संदेश दिया है।
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सार्क सम्मेलन में गृहमंत्री ने जोर देकर कहा कि दक्षिण एशिया समेत पूरे विश्व में आतंक का खतरा मंडरा रहा है। भारत ने हमेशा आतंक पर अपना कड़ा संदेश दिया है।
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Gave suggestions during SAARC meet that ban on terror outfits by UN must be respected,there is no good or bad terrorism-HM in RS
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) August 5, 2016
I said that there is a need to strongest action not just against the terrorists but also those who support terrorism: HM Rajnath Singh in RS
— ANI (@ANI_news) August 5, 2016
'अच्छा आतंकवाद या बुरा आतंकवाद नहीं होता'
राज्य सभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद
- फोटो : PTI
गृहमंत्री ने कहा कि सिर्फ आतंकियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि आतंक को बढ़ावा देने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। राजनाथ ने कहा, 'सार्क के गृहमंत्रियों की बैठक में मैंने सभी सदस्य देशों से अपील करते हुए कहा कि आतंकियों को गौरवान्वित नहीं किया जाना चाहिए और ना ही शहीद ठहराना चाहिए।
राज्यसभा में अपने बयान में गृहमंत्री ने कहा, 'सुझाव देते हुए मैंने सार्क बैठक में आतंकियों पर यूएन की ओर से लगाए प्रतिबंधों का सम्मान किए जाने की बात कही। कोई अच्छा आतंकवाद या बुरा आतंकवाद नहीं होता।'
राजनाथ सिंह के बयान पूरा करने के बाद बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा, 'पाकिस्तान अब हमेशा अपनी आधिकारिक बैठकों में भी भारत और कश्मीर को तोड़ने की बात करता है।'
गृहमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लिए पाकिस्तान की ओर से प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने की हम एक सुर निदा करते हैं।'
राज्यसभा में अपने बयान में गृहमंत्री ने कहा, 'सुझाव देते हुए मैंने सार्क बैठक में आतंकियों पर यूएन की ओर से लगाए प्रतिबंधों का सम्मान किए जाने की बात कही। कोई अच्छा आतंकवाद या बुरा आतंकवाद नहीं होता।'
राजनाथ सिंह के बयान पूरा करने के बाद बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा, 'पाकिस्तान अब हमेशा अपनी आधिकारिक बैठकों में भी भारत और कश्मीर को तोड़ने की बात करता है।'
गृहमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लिए पाकिस्तान की ओर से प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने की हम एक सुर निदा करते हैं।'
'शरीफ का घर टूट रहा है'
सुब्रमण्यम स्वामी ने पाकिस्तान के रवैये की आलोचना की।
- फोटो : Getty
स्वामी ने कहा, 'मैं गृहमंत्री से जानना चाहूंगा कि क्या उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से यह कहा कि उनका अपना ही घर टूट रहा है। बलोच एक तरफ जा रहे हैं, तो सिंध दूसरी तरफ।'
एनसीपी के नेता मजीद ने कहा कि गृहमंत्री के दौरे के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों की हम निंदा करते हैं।
इसके साथ ही मायावती, शरद पवार और डी. राजा ने भी पाकिस्तान के रवैये की आलोचना की। शरद यादव ने कहा कि पूरा देश पाकिस्तान के रवैये की निंदा करता है और पूरा देश एकजुट है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री से पाकिस्तान के साथ रिश्ते पर पुर्नविचार करने को कहा।
साथी सांसदों से मिले जोरदार समर्थन के बाद गृहमंत्री ने कहा कि आतंक को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। एक देश आतंकी घोषित हुए व्यक्ति को दूसरे देश में शहीद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सीपीआई के डी. राजा ने सवाल उठाया कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार पाकिस्तान के साथ कैसे डील करेगी।
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी साथी सदस्यों के सुर में सुर मिलाते हुए पाकिस्तान दौरे पर गृहमंत्री को प्रोटोकॉल और सम्मान न दिए जाने की निंदा की।
एनसीपी के नेता मजीद ने कहा कि गृहमंत्री के दौरे के विरोध में पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनों की हम निंदा करते हैं।
इसके साथ ही मायावती, शरद पवार और डी. राजा ने भी पाकिस्तान के रवैये की आलोचना की। शरद यादव ने कहा कि पूरा देश पाकिस्तान के रवैये की निंदा करता है और पूरा देश एकजुट है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री से पाकिस्तान के साथ रिश्ते पर पुर्नविचार करने को कहा।
साथी सांसदों से मिले जोरदार समर्थन के बाद गृहमंत्री ने कहा कि आतंक को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। एक देश आतंकी घोषित हुए व्यक्ति को दूसरे देश में शहीद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सीपीआई के डी. राजा ने सवाल उठाया कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार पाकिस्तान के साथ कैसे डील करेगी।
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी साथी सदस्यों के सुर में सुर मिलाते हुए पाकिस्तान दौरे पर गृहमंत्री को प्रोटोकॉल और सम्मान न दिए जाने की निंदा की।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'ये पड़ोसी है कि मानता नहीं'
सदन में गृहमंत्री को साथी सदस्यों का पूरा साथ मिला।
- फोटो : PTI
गृहमंत्री ने कहा, 'आतंवाद पर सदन की एकजुटता की मैं तारीफ करता हूं। यह आतंक के खिलाफ देश की दृढ़ निश्चयता को दिखाता है। साथ ही मैं सभी सदस्यों की सराहना करता हूं कि उन्होंने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज ऊंची की है।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ये पड़ोसी है कि मानता नहीं। मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि हर भारतीय प्रधानमंत्री ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी दृढ़ता दिखाई। सभी प्रधानमंत्रियों ने पड़ोसी देश के साथ संबंध सुधारने के लिए भरसक प्रयास किए।'
उन्होंने कहा, 'जहां तक भाषण को ब्लैकआउट करने की बात है। मैं प्रोटोकॉल के नियमों को नहीं जानता कि पहले क्या प्रावधान थे। इस संबंध में हमें विदेश मंत्रालय से जानकारी लेनी होगी।'
गृहमंत्री ने कहा कि ब्लैकआउट को लेकर मैंने वहां कोई विरोध नहीं दर्ज कराया। ब्लैक आउट के संबंध में विदेश मंत्रालय से जानकारी जुटानी होगी। सदन में राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट किया कि दूरदर्शन, एएनआई और पीटीआई के पत्रकारों को कवरेज के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया।
लंच न करने के मामले पर राजनाथ ने कहा, 'पाकिस्तान के आतंरिक गृह मंत्री ने मुझे लंच के लिए निमंत्रित किया, फिर कार में बैठकर चले गए। फिर मैं भी चल दिया। मुझे कोई असंतोष नहीं है क्योंकि मैं वहां लंच करने नहीं गया था।'
उन्होंने कहा कि कवरेज के मसले पर मैं नहीं कह सकता कि पाकिस्तान सही है या गलत। उन्हें जो करना था उन्होंने किया, मैं उस संबंध में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहता। मुझे कोई शिकवा शिकायत नहीं है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ये पड़ोसी है कि मानता नहीं। मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि हर भारतीय प्रधानमंत्री ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में पूरी दृढ़ता दिखाई। सभी प्रधानमंत्रियों ने पड़ोसी देश के साथ संबंध सुधारने के लिए भरसक प्रयास किए।'
उन्होंने कहा, 'जहां तक भाषण को ब्लैकआउट करने की बात है। मैं प्रोटोकॉल के नियमों को नहीं जानता कि पहले क्या प्रावधान थे। इस संबंध में हमें विदेश मंत्रालय से जानकारी लेनी होगी।'
गृहमंत्री ने कहा कि ब्लैकआउट को लेकर मैंने वहां कोई विरोध नहीं दर्ज कराया। ब्लैक आउट के संबंध में विदेश मंत्रालय से जानकारी जुटानी होगी। सदन में राजनाथ सिंह ने यह स्पष्ट किया कि दूरदर्शन, एएनआई और पीटीआई के पत्रकारों को कवरेज के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया।
लंच न करने के मामले पर राजनाथ ने कहा, 'पाकिस्तान के आतंरिक गृह मंत्री ने मुझे लंच के लिए निमंत्रित किया, फिर कार में बैठकर चले गए। फिर मैं भी चल दिया। मुझे कोई असंतोष नहीं है क्योंकि मैं वहां लंच करने नहीं गया था।'
उन्होंने कहा कि कवरेज के मसले पर मैं नहीं कह सकता कि पाकिस्तान सही है या गलत। उन्हें जो करना था उन्होंने किया, मैं उस संबंध में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहता। मुझे कोई शिकवा शिकायत नहीं है।