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हिंदू महासभा ने अयोध्या मामले में दायर की पुनर्विचार याचिका, मस्जिद के लिए जमीन देने का विरोध

Mon, 09 Dec 2019 07:33 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 09 Dec 2019 07:33 PM IST
सार

  • अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू पक्ष ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की है
  • मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन देने पर ऐतराज
  • सुप्रीम कोर्ट से आदेश पर फिर से विचार करने की अपील 

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Hindu Mahasabha filed Review petition in Ayodhya case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। हिंदू महासभा ने अपनी याचिका में कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन देने के अपने आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की है।

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हिंदू महासभा ने वकील विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन के जरिये अपनी याचिका दाखिल की। इसमें पांच सदस्यीय संविधान पीठ के नौ नवंबर के फैसले में लिखी उस टिप्पणी को भी हटाने का अनुरोध किया है जिसमें कोर्ट ने यह कहते हुए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया कि वहां पर मस्जिद थी। जबकि उपलब्ध साक्ष्यों व प्रमाणों के आधार पर कोर्ट ने ही कहा है कि मुस्लिम पक्ष वहां पर मस्जिद होने का सुबूत पेश करने में नाकाम रहा।
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याचिका में कहा गया कि जब ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि अयोध्या के विवादित स्थल पर मस्जिद थी तो फैसले के उस हिस्से से ‘मस्जिद’ शब्द को हटाया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि जब मुस्लिम पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा है कि विवादित ढांचा मस्जिद थी, ऐसे में मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जगह देना धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है और यह सांविधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है। राज्य को मस्जिद बनाने के लिए जमीन देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
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महासभा ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अपनी उस टिप्पणी को स्पष्ट करना चाहिए, जिसमें उसने कहा था कि उसके फैसले का असर बाबरी विध्वंस मामले की चल रही सुनवाई पर नहीं पड़ना चाहिए। नौ नवंबर को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन रामलला विराजमान को सौंप दी थी। जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही किसी अन्य जगह मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया गया था।

बता दें कि अयोध्या मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से आठ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं थीं। इन याचिकाओं में कहा गया है कि नौ नवंबर के पांच सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले में कई गलतियां हैं और कई विरोधाभास हैं लिहाजा उस फैसले पर पुनर्विचार करने की दरकार है। 


ये याचिकाएं मौलाना मुफ्ती हसबुल्लाह, मोहम्मद उमर, मौलाना महफूज उर रहमान, मिसबाउद्दीन, रिजवान, हाजी महबूब, असद और अयूब की ओर से दायर की गईं हैं। पुनर्विचार याचिकाओं में कहा गया कि नौ नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए क्योंकि यह कानून के विपरीत है। इसमें विरोधाभास है और पूर्ण न्याय का उल्लंघन है।

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