असम के मंत्री हिमंत बिस्वा बोले, असमी को राज्य भाषा बनाने के लिए केंद्र को भेजेंगे प्रस्ताव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असम के मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार ने असमी को राज्य की भाषा बनाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है। हिमंत ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सभी भारतीय राज्यों को मूल रूप से भाषा के आधार पर पुनर्गठित किया गया था। इसके बाद, प्रवासन की वजह से राज्य की भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या अलग हो सकती है। हालांकि, राज्य के निर्माण के आधार पर भाषा को रखना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राज्य कैबिनेट ने फैसला किया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 345 में संशोधन करके केंद्र सरकार असमी भाषा को बराक घाटी, बीटीएडी क्षेत्र और पहाड़ी जिलों को छोड़कर असम की राज्य भाषा के रूप में घोषित कर सकती है।
Assam Min Himanta Biswa Sarma:State govt has requested Govt of India to suitably amend Article 345 of Constitution of India to make Assamese as state language,however in Barak Valley,Bodoland Territorial Area Districts (BTAD) area&hill districts this may not be applicable.(21.12) pic.twitter.com/t6SwIKsSkL
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 21, 2019
शर्मा ने कहा, हम अगले विधानसभा सत्र में कानून लाएंगे ताकि यह अनिवार्य हो जाए कि असमिया भाषा को सभी अंग्रेजी और अन्य माध्यम स्कूलों में एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि, यह कानून पहाड़ी जिलों, बीटीएडी, बोडो बहुल क्षेत्रों और बारा घाटी के लिए लागू नहीं होगा।
Assam Minister Himanta Biswa Sarma: State cabinet also decided to bring a new bill in the next assembly session securing the land rights for the indigenous people. Under this bill, indigenous people can sell their land only to indigenous people. (21.12) pic.twitter.com/TNY2u7uzyP
— ANI (@ANI) December 21, 2019
उन्होंने कहा कि स्वदेशी लोगों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए विधानसभा सत्र में एक विधेयक पेश किया जाएगा। नए बिल के अनुसार केवल एक असम का नागरिक किसी अन्य असम के नागरिक को जमीन बेच या खरीद सकेगा।