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नोटबंदी से टूटी नक्सलियों की कमर, 500 से ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:44 AM IST
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नक्सलियों ने मारी गोली
- फोटो : social media
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8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री का यह घोषणा कालेधन के खिलाफ है। वहीं, कुछ नेताओं सहित योग गुरु रामदेव ने भी दावा किया था कि इससे नक्सलीयों की कमर टूटी है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के फैसले का असर नक्सलियों पर पड़ा है। 28 दिनों में 564 नक्सलियों और उनके समर्थकों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड में नोटबंदी के असर के कारण बड़ी तादाद में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई में सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की भी बड़ी भूमिका है।
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के फैसले का असर नक्सलियों पर पड़ा है। 28 दिनों में 564 नक्सलियों और उनके समर्थकों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड में नोटबंदी के असर के कारण बड़ी तादाद में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई में सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की भी बड़ी भूमिका है।
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70 फीसदी सरेंडर ओडिशा में हुआ
नक्सली ढेर
- फोटो : social media
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा 70 फीसदी सरेंडर ओडिशा के मलकानगिरी में हुए हैं। बताते चलें कि अक्टूबर में यहां एक एनकाउंटर में भी 23 नक्सली मारे गए थे। वहीं, गृहमंत्रालय के दावों के अनुसार, साल 2011 से 15 नवंबर 2016 तक अब तक 3766 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।
सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों के सरेंडर के पीछे कई सारे फैक्टर हैं। इसमें सरकारी योजनाओं के साथ माओवादियों को दिए जा रहे कड़े संदेश भी शामिल हैं। वहीं, नोटबंदी भी एक नए कारण के रूप में सामने आया है।