{"_id":"57bf37534f1c1b325fd4f211","slug":"heightened-dahi-handi-revelry-continues-despite-court-curb","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दही हांडी उत्सव: मुंबई में उड़ी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
दही हांडी उत्सव: मुंबई में उड़ी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Updated Fri, 26 Aug 2016 03:07 AM IST
विज्ञापन
मनाही के बावजूद राज ठाकरे के गोविंदाओं ने लगाई 49 फुट की दही हांडी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में दही हांडी उत्सव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। अदालत के आदेश के बावजूद मुंबई के चेंबूर, बोरिवली और ठाणे इलाके में तय मानक से अधिक ऊंची दही हांडी बांधी गई। ठाणे में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के गोविंदाओं ने दही हांडी को 49 फुट की ऊंचाई पर टांगा। मुंबई में कई जगह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना गया। वहीं, दादर में गोविंदाओं की टोली ने सड़क पर लेटकर नौ मानव पिरामिड का आकार (थर) बनाकर अदालत के आदेश का विरोध किया और जोगेश्वरी में गोविंदाओं ने काली पट्टी बांधकर काले झंडे दिखाए।
मुंबई में बृहस्पतिवार को सुबह से ही गोविंदाओं की टोली सड़क पर उतर पड़ी। कई जगह गोपिकाओं ने भी दही हांडी फोड़ी। शाम पांच बजे तक 163 बड़े और 1150 छोटी दही हांडी फोड़ी गई। दादर में सविनय दही हांडी लगाई गई जिसे सीढ़ी लगाकर फोड़ा गया। इस बार 71 गोविंदा घायल हुए जिनमें से 71 को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि 17 की हालत गंभीर है। कोर्ट द्वारा दी गई 20 फुट की सीमा को लांघते हुए 35 फुट तक के मानव पिरामिड बनाए गए।
ठाणे में सुप्रीम कोर्ट के तय मानक का उल्लंघन करने वाले 19 से अधिक गोविंदा पथकों पर कार्रवाई की गई और आयोजकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। वहीं, मुंबई में हर पुलिस थाना क्षेत्र में आयोजित होने वाली दही हांडी की वीडियोग्राफी की गई है। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी अशोक दुधे ने कहा है कि जो भी मंडल नियम का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुंबई में बृहस्पतिवार को सुबह से ही गोविंदाओं की टोली सड़क पर उतर पड़ी। कई जगह गोपिकाओं ने भी दही हांडी फोड़ी। शाम पांच बजे तक 163 बड़े और 1150 छोटी दही हांडी फोड़ी गई। दादर में सविनय दही हांडी लगाई गई जिसे सीढ़ी लगाकर फोड़ा गया। इस बार 71 गोविंदा घायल हुए जिनमें से 71 को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि 17 की हालत गंभीर है। कोर्ट द्वारा दी गई 20 फुट की सीमा को लांघते हुए 35 फुट तक के मानव पिरामिड बनाए गए।
विज्ञापन
ठाणे में सुप्रीम कोर्ट के तय मानक का उल्लंघन करने वाले 19 से अधिक गोविंदा पथकों पर कार्रवाई की गई और आयोजकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। वहीं, मुंबई में हर पुलिस थाना क्षेत्र में आयोजित होने वाली दही हांडी की वीडियोग्राफी की गई है। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी अशोक दुधे ने कहा है कि जो भी मंडल नियम का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
मानव पिरामिड में बच्चे भी शामिल
कोर्ट के आदेश दिया है कि 18 साल के कम उम्र के बच्चे हिस्सा नहीं ले सकते लेकिन, छोटे छोटे बच्चे भी हेलमेट पहनकर इस पिरामिड का हिस्सा बने। मुंबई में 50 डेसिबल से अधिक लाऊड स्पीकर की अनुमति नहीं है लेकिन कई जगहों पर 100 डेसिबल तक गोविंदा आला रे.. की धुन बजी। हर साल की तरह इस साल भी करीब 50 हजार गोविंदा पथकों को बीमा कवच मुहैया कराया गया। मुंबई बीजेपी ने करीब 350 गोविंदा पथकों का बीमा कराया था।
ठाणे में दही हांडी के आयोजक मनसे नेता अविनाश जाधव ने 11 लाख रुपये का इनाम रखा था। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के आदेशों का पालन करते हैं। अविनाश के गोविंदाओं की टोली ने ‘मैं कानून तोड़ूंगा’ लिखे टीशर्ट पहनकर कोर्ट के आदेश को अंगूठा दिखाया। जाधव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट यह नहीं कह सकता कि हम अपने त्यौहार कैसे मनाएं। अगर मैं कानून तोड़ूंगा तो जेल जाने को भी तैयार हूं।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि जनभावनाओं को समझना चाहिए। दही हांडी उत्सव में बच्चों के हिस्सा लेने पर एतराज हो सकता है। ऐसी कुछ बातों पर विचार किया जाना चाहिए। लेकिन, जिस तरह से पूरे दही हांडी उत्सव को ही न्यायालय कंट्रोल कर रहा है उससे लोगों के मन में रोष है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लोगों में नाराजगी स्वाभाविक है। जो लोग पिरामिड बनाते हैं उन्हें सरकार ने पहले ही एडवेंचर स्पोर्ट्स (साहसी खेल) का दर्जा दिया हुआ है।
ठाणे में दही हांडी के आयोजक मनसे नेता अविनाश जाधव ने 11 लाख रुपये का इनाम रखा था। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के आदेशों का पालन करते हैं। अविनाश के गोविंदाओं की टोली ने ‘मैं कानून तोड़ूंगा’ लिखे टीशर्ट पहनकर कोर्ट के आदेश को अंगूठा दिखाया। जाधव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट यह नहीं कह सकता कि हम अपने त्यौहार कैसे मनाएं। अगर मैं कानून तोड़ूंगा तो जेल जाने को भी तैयार हूं।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि जनभावनाओं को समझना चाहिए। दही हांडी उत्सव में बच्चों के हिस्सा लेने पर एतराज हो सकता है। ऐसी कुछ बातों पर विचार किया जाना चाहिए। लेकिन, जिस तरह से पूरे दही हांडी उत्सव को ही न्यायालय कंट्रोल कर रहा है उससे लोगों के मन में रोष है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लोगों में नाराजगी स्वाभाविक है। जो लोग पिरामिड बनाते हैं उन्हें सरकार ने पहले ही एडवेंचर स्पोर्ट्स (साहसी खेल) का दर्जा दिया हुआ है।