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स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपातकालीन स्थिति में रेमडेसिविर के इस्तेमाल की अनुमति दी
Sat, 13 Jun 2020 07:53 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 13 Jun 2020 07:53 PM IST
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लव अग्रवाल (स्वास्थ्य मंत्रालय)
- फोटो : एएनआई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के इलाज के लिए आपातकाल में वायरसरोधी दवा रेमडेसिविर, प्रतिरोधक क्षमता के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा टोसीलीजुमैब और प्लाज्मा उपचार की अनुशंसा की है।
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अपने कदम पीछे खींचते हुए मंत्रालय ने शनिवार को 'कोविड-19 के लिए क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल' की समीक्षा की है। इसने कहा कि बीमारी की शुरुआत में सार्थक प्रभाव के लिए मलेरिया रोधक दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और गंभीर मामलों में इससे बचना चाहिए।
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मंत्रालय ने नए प्रोटोकॉल के तहत गंभीर स्थिति और आईसीयू की जरूरत होने की स्थिति में एजिथ्रोमाइसीन के साथ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किए जाने की पहले की अनुशंसा को समाप्त कर दिया है।
इसने कहा कि कई अध्ययनों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के क्लीनिकल इस्तेमाल में काफी फायदा बताया गया है। संशोधित प्रोटोकॉल में कहा गया है, 'कई बड़े अवलोकन अध्ययनों में इसका कोई प्रभाव या सार्थक क्लीनिकल परिणाम नहीं दिखा है।'
इसमें बताया गया है, 'अन्य वायरसरोधी दवाओं की तरह इसका इस्तेमाल बीमारी की शुरुआत में किया जाना चाहिए ताकि सार्थक परिणाम हासिल किया जा सके और गंभीर रूप से बीमारी मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल करने से बचा जाना चाहिए।'