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Supreme Court: एचडीआईएल के प्रमोटर राकेश वधावन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, तीन महीने के लिए दी जमानत
Thu, 09 Nov 2023 02:40 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:40 PM IST
सार
कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि इसके लिए कितने पुलिसकर्मियों की जरूरत होगी, यह राज्य सरकार तय करेगी। साथ ही राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के खर्च का बिल हर हफ्ते राकेश वधावन को भेजे।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने हाउसिंग डेवलेपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रमोटर राकेश वधावन को तीन महीने की अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर राकेश वधावन को यह जमानत दी है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला त्रिवेदी की पीठ ने राकेश वधावन की सेहत को देखते हुए जमानत को मंजूरी दी। राकेश वधावन 4300 करोड़ रुपये के पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव (PMC) बैंक घोटाले में भी फंसे हैं।
चिकित्सीय आधार पर कोर्ट ने दी जमानत
पीठ ने अपने आदेश में कहा मेडिकल रिपोर्ट्स और सेहत को देखते हुए हम याचिकाकर्ता को चिकित्सीय आधार पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हैं। हालांकि जमानत की अवधि में राकेश वधावन अपने घर में ही पुलिस हिरासत में रहेंगे। पुलिसकर्मियों का खर्च भी राकेश वधावन को वहन करना पड़ेगा। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि इसके लिए कितने पुलिसकर्मियों की जरूरत होगी, यह राज्य सरकार तय करेगी। साथ ही राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के खर्च का बिल हर हफ्ते राकेश वधावन को भेजे।
इलाज के लिए कोर्ट ने दिए ये निर्देश
कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो राकेश वधावन को इलाज के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल ले जाया जा सकता है अगर जेजे अस्पताल में समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है तो उन्हें किसी अन्य निजी अस्पताल में ले जाया जा सकता है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीती 26 अक्तूबर को दिए अपने फैसले में राकेश वधावन को चिकित्सीय आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था।
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यस बैंक घोटाले में फंसे हैं वधावन
राकेश वधावन की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल बीते चार सालों से जेल में बंद है और कई बीमारियों से जूझ रहा है। इसके बाद मुकुल रोहतगी ने राकेश वधावन की मेडिकल रिपोर्ट्स कोर्ट में पेश की। बता दें कि राकेश वधावन और सारंग वधावन के खिलाफ सीबीआई ने अक्तूबर 2020 में 200 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी। ईडी द्वारा पीएमसी बैंक घोटाले में भी दोनों से पूछताछ की जा रही है।
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चिकित्सीय आधार पर कोर्ट ने दी जमानत
पीठ ने अपने आदेश में कहा मेडिकल रिपोर्ट्स और सेहत को देखते हुए हम याचिकाकर्ता को चिकित्सीय आधार पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हैं। हालांकि जमानत की अवधि में राकेश वधावन अपने घर में ही पुलिस हिरासत में रहेंगे। पुलिसकर्मियों का खर्च भी राकेश वधावन को वहन करना पड़ेगा। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि इसके लिए कितने पुलिसकर्मियों की जरूरत होगी, यह राज्य सरकार तय करेगी। साथ ही राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के खर्च का बिल हर हफ्ते राकेश वधावन को भेजे।
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इलाज के लिए कोर्ट ने दिए ये निर्देश
कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो राकेश वधावन को इलाज के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल ले जाया जा सकता है अगर जेजे अस्पताल में समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है तो उन्हें किसी अन्य निजी अस्पताल में ले जाया जा सकता है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीती 26 अक्तूबर को दिए अपने फैसले में राकेश वधावन को चिकित्सीय आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था।
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यस बैंक घोटाले में फंसे हैं वधावन
राकेश वधावन की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल बीते चार सालों से जेल में बंद है और कई बीमारियों से जूझ रहा है। इसके बाद मुकुल रोहतगी ने राकेश वधावन की मेडिकल रिपोर्ट्स कोर्ट में पेश की। बता दें कि राकेश वधावन और सारंग वधावन के खिलाफ सीबीआई ने अक्तूबर 2020 में 200 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी। ईडी द्वारा पीएमसी बैंक घोटाले में भी दोनों से पूछताछ की जा रही है।