Iran-Israel: हरदीप पुरी बोले- मध्य पूर्व तनाव का भारत की ईंधन आपूर्ति पर असर नहीं, पर्याप्त स्टॉक मौजूद
Iran-Israel Conflict: ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे संघर्ष के चलते पैदा हुईं ईंधन आपूर्ति की चिंताओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, भारत की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और आम नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
विस्तार
मध्य पूर्व में लगातार बिगड़ती भू-राजनीतिक स्थिति के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि भारत की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और आम नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर पुरी की टिप्पणी
हरदीप सिंह पुरी ने एक ट्वीट में लिखा, पिछले दो हफ्तों से हम मध्य पूर्व में बदलती भू-राजनीतिक स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हमने बीते वर्षों में अपने आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाई है और अब हमारी बड़ी मात्रा में आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते नहीं आती।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास कई हफ्तों की आपूर्ति मौजूद है, और उन्हें कई वैकल्पिक मार्गों से ऊर्जा आपूर्ति मिलती रहेगी। पुरी ने आश्वासन दिया, हम अपने नागरिकों को ईंधन की आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। भारत के कुल आयात 5.5 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) में से लगभग 2 मिलियन बीपीडी कच्चा तेल इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। हालांकि भारत के पास रूस से लेकर अमेरिका और ब्राजील जैसे विविध स्रोत मौजूद हैं, जो किसी भी कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं।
तेल की कीमतों पर बोले हरदीप पुरी
पुरी ने कहा, कीमतों को लेकर अनुमान लगाना बहुत कठिन है। काफी समय तक तेल की कीमत 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही, फिर 70 से 75 के बीच रही। आज रविवार है। कल जब बाजार खुलेंगे तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के प्रभाव बाजार पर दिख सकता है।
उन्होंने आगे कहा, लेकिन जैसा कि मैं पहले भी कहता रहा हूं, वैश्विक बाजार में पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध है। पश्चिमी गोलार्ध से लगातार अधिक तेल आ रहा है। यहां तक कि पारंपरिक आपूर्तिकर्ता भी आपूर्ति बनाए रखना चाहेंगे क्योंकि उन्हें भी राजस्व की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि बाजार इस परिस्थिति को संतुलित रूप से लेगा।
पुरी ने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बीते वर्षों में न केवल आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित की है, बल्कि आम जनता के लिए ईंधन को किफायती बनाए रखने का भी कार्य किया है। उन्होंने आश्वस्त किया, "हम आपूर्ति की स्थिरता और नागरिकों को किफायती ईंधन मिलते रहने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
ईरानी संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
इसी बीच ये जानकारी सामने आई है कि ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस फैसले को अंतिम मंजूरी ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देगी।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने दी थी चेतावनी
इतना ही नहीं इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने भी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलमार्ग में थोड़ी भी बाधा आई, तो उसका तेल बाजारों पर बड़ा असर पड़ेगा। एजेंसी ने कहा कि वर्तमान समय में तेल की आपूर्ति सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय नीति का अहम मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में, वैश्विक स्तर पर सभी निगाहें अब खाड़ी क्षेत्र के हालात पर टिकी हैं, जहां एक छोटा कदम भी बड़े संकट को जन्म दे सकता है।
क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है क्योंकि यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। दुनिया के तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है। अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की आपूर्ति पर असर पड़ेगा और कीमतें बढ़ जाएंगी। इससे भारत सहित दुनिया भर में ईरान और इस इलाके से आने वाले ईंधन पर निर्भर रहने वाली कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.