{"_id":"5cdeddc8bdec22074b0a951e","slug":"gujarat-fir-against-150-people-for-stopping-dalit-mans-wedding-procession-dalit-atrocities","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात : दलित व्यक्ति की बरात रोकने पर 150 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गुजरात : दलित व्यक्ति की बरात रोकने पर 150 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Fri, 17 May 2019 10:32 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 17 May 2019 10:32 PM IST
विज्ञापन
गुजरात के मेहसाणा में एक दलित की घुड़चढ़ी (फाइल फोटो) (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : BBC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात पुलिस ने बताया कि अरवल्ली जिले के मोडासा तालुका के खंबिसार गांव में दलित व्यक्ति की बरात को रोकने के लिए पाटीदार समुदाय के 16 महिलाओं सहित लगभग 150 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया है।
घटना 12 मई की है जिसमें पथराव भी हुआ था। जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे।
मोडासा पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर एसएफ चावड़ा ने बताया कि दूल्हे के पिता दयाभाई राठौड़ ने शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
चावड़ा ने बताया, "हमने करीब 150 लोगों की भीड़ के खिलाफ आज प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पाटीदार समुदाय से सभी 16 महिलाओं सहित 45 व्यक्तियों की पहचान की है। उनका नाम एफआईआर में आरोपी व्यक्तियों के रूप में दर्ज किया गया है। आगे की जांच एससी/एसटी प्रकोष्ठ के पुलिस उपाधीक्षक एसएस गधवी द्वारा की जाएगी।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "उन पर दंगा (आईपीसी 147), हत्या का प्रयास (आईपीसी 307), गलत तरीके से नियंत्रण (आईपीसी 341) और आपराधिक धमकी (आईपीसी 506-2) और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।"
विज्ञापन
घटना 12 मई की है जिसमें पथराव भी हुआ था। जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे।
मोडासा पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर एसएफ चावड़ा ने बताया कि दूल्हे के पिता दयाभाई राठौड़ ने शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन
चावड़ा ने बताया, "हमने करीब 150 लोगों की भीड़ के खिलाफ आज प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पाटीदार समुदाय से सभी 16 महिलाओं सहित 45 व्यक्तियों की पहचान की है। उनका नाम एफआईआर में आरोपी व्यक्तियों के रूप में दर्ज किया गया है। आगे की जांच एससी/एसटी प्रकोष्ठ के पुलिस उपाधीक्षक एसएस गधवी द्वारा की जाएगी।"
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "उन पर दंगा (आईपीसी 147), हत्या का प्रयास (आईपीसी 307), गलत तरीके से नियंत्रण (आईपीसी 341) और आपराधिक धमकी (आईपीसी 506-2) और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।"