फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat election 2017 Congress faces challenge to confusion over patidar reservation

गुजरात चुनावः हार्दिक को साधने के बाद अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती

Thu, 23 Nov 2017 06:51 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 23 Nov 2017 06:51 AM IST
विज्ञापन
Gujarat election 2017 Congress faces challenge to confusion over patidar reservation

महीनों की मशक्कत के बाद कांग्रेस ने भले ही हार्दिक पटेल को साध लिया है, इसके बावजूद हार्दिक के जरिए पाटीदार बिरादरी को साधने की राह इतनी भी आसान नहीं है।

विज्ञापन


हार्दिक को साधने के बाद अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने आरक्षण फार्मूले पर फैले भ्रम को दूर करने की है।

कांग्रेस को पूरे चुनाव प्रचार में बार-बार यह बताना पड़ेगा कि पटेलों के लिए उसकी ओर से दिया गया आरक्षण का फार्मूला कैसे संवैधानिक दायरे में है। इसके इतर हार्दिक ने तब कांग्रेस का दामन थामा है जब उनके साथ पाटीदार अमानत आंदोलन छेडने वाले छह प्रमुख चेहरे उनका साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके हैं। 
विज्ञापन


पढ़ें- गुजरात चुनाव: बीजेपी ने 14 विधायकों की टिकट काटी, कई बड़े नेता भी शामिल
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल भाजपा को अंदेशा था कि देर सबेर हार्दिक और कांग्रेस के बीच आरक्षण फार्मूले पर सहमति बननी तय है। यही कारण है कि पार्टी ने सबसे पहले हार्दिक के संगठन को कमजोर करने की रणनीति बनाई और इस रणनीति के तहत उनके सभी करीबियों को अपने पाले में कर लिया।

इसके बाद हार्दिक के खिलाफ एकाएक कई अश्लील सीडी जारी करने का सिलसिला चला। अब भाजपा कांग्रेस-हार्दिक के आरक्षण फार्मूले पर जबर्दस्त हमला बोलने के मूड में है।

पार्टी की योजना पाटीदार बिरादरी के बीच यह संदेश देने की है कि हार्दिक ने उनके साथ छल किया है। इस कड़ी में इस बिरादरी को यह समझाने की कोशिश होगी कि पाटीदारों को अलग से आरक्षण नहीं मिल सकता।

ऐसा करने पर राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी पार कर जाएगी। सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि आरक्षण की सीमा 50 से अधिक नहीं की जा सकती। इसकी शुरुआत वित्त मंत्री जेटली के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कर भी दी है। 

कड़वा पटेल को साधने में जुटी भाजपा 

Gujarat election 2017 Congress faces challenge to confusion over patidar reservation

राज्य में पाटीदारों के मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी है। इसमें लेउबा पटेल का एक तबका कई चुनावों से कांग्रेस के साथ है।

भाजपा को इस बिरादरी का दो तिहाई और कड़वा पटेल का 80 फीसदी से अधिक मत मिलता रहा है। हार्दिक पटेल कड़वा बिरादरी से हैं। ऐसे में भाजपा इस बिरादरी में हार्दिक का प्रभाव खत्म करने केलिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। 

आरक्षण पर कई अगर मगर 
इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार से संबंधित मामले में वर्ष 1991 में सुप्रीम कोर्ट की 13 सदस्यीय पीठ ने किसी भी सूरत में आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से अधिक नहीं होने की व्यवस्था दी थी।

बावजूद इसके वर्तमान में कई राज्यों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण की व्यवस्था है। तमिलनाडु में तो आरक्षण का दायरा बढ़ा कर 69 फीसदी कर दिया गया है।

महाराष्ट्र में इसकी सीमा 52 फीसदी है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में इसकी सीमा ज्यादा है। इससे जुड़े सभी मामले फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed