फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat court acquits 22 accused in post Godhra riots case in which 17 people were killed

Gujarat: गुजरात की अदालत ने गोधरा कांड के बाद हुए दंगे के मामले में 22 आरोपियों को बरी किया, 17 लोग मारे गए थे

Wed, 25 Jan 2023 12:53 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, गोधरा (गुजरात)।
पीटीआई, गोधरा (गुजरात)। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 25 Jan 2023 12:53 AM IST
सार

बचाव पक्ष के वकील गोपालसिंह सोलंकी ने कहा कि पंचमहल जिले के देलोल गांव में दो बच्चों समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या और दंगा करने के मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

विज्ञापन
Gujarat court acquits 22 accused in post Godhra riots case in which 17 people were killed
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुजरात के पंचमहल जिले के हलोल कस्बे की एक अदालत ने मंगलवार को 22 लोगों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। इनपर राज्य में 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे से जुड़े एक मामले में दो बच्चों सहित एक अल्पसंख्यक समुदाय के 17 सदस्यों की हत्या का आरोप था। बचाव पक्ष के वकील गोपालसिंह सोलंकी ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्ष त्रिवेदी की अदालत ने सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया, जिनमें से आठ की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।

विज्ञापन


सोलंकी ने कहा कि जिले के देलोल गांव में दो बच्चों समेत अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोगों की हत्या और दंगा करने के मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ितों को 28 फरवरी, 2002 को मार दिया गया था और सबूत नष्ट करने के इरादे से उनके शव को जला दिया गया था।
विज्ञापन


पंचमहल जिले के गोधरा कस्बे के पास 27 फरवरी, 2002 को भीड़ द्वारा साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी जलाए जाने के एक दिन बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। बोगी जलाए जाने की घटना में 59 यात्रियों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश ‘कारसेवक’ अयोध्या से लौट रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


देलोल गांव में हिंसा के बाद हत्या और दंगे से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक अन्य पुलिस निरीक्षक ने घटना के लगभग दो साल बाद नए सिरे से मामला दर्ज किया और दंगों में शामिल होने के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया था।


सोलंकी ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने में असमर्थ रहा और यहां तक कि गवाह भी मुकर गए। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि पीड़ितों के शव कभी नहीं मिले। पुलिस ने एक नदी के किनारे एक सुनसान जगह से हड्डियां बरामद कीं, लेकिन वे इस हद तक जली हुई थीं कि पीड़ितों की पहचान स्थापित नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि सबूतों के अभाव में अदालत ने सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया, जिनमें से आठ की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed