फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat Ahmedabad VHP leader praveen togadia issues with bjp

कहीं बीजेपी से 'बहस' का हर्जाना तो नहीं चुका रहे तोगड़िया?

Tue, 16 Jan 2018 11:30 AM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Tue, 16 Jan 2018 11:30 AM IST
विज्ञापन
Gujarat Ahmedabad VHP leader praveen togadia issues with bjp
- फोटो : अमर उजाला

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का इलाज अहमदाबाद के चंद्रमणि अस्पताल में चला। अस्पताल के डॉक्टर रूप कुमार अग्रवाल ने बीबीसी को बताया, ''108 नंबर की इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर आई थी, उनका शुगर लेवल काफी नीचे थे। तोगड़िया फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन खतरे से बाहर हैं।''

विज्ञापन


राजस्थान की गंगापुर कोर्ट ने दंगे के एक मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रमुख डॉ। प्रवीण तोगड़िया के खिलाफ समन जारी किया था। कई बार जमानती वॉरंट जारी होने के बाद भी वो कोर्ट में हाजिर नहीं हुए जिसके बाद कोर्ट ने गैर-जमानती वॉरंट जारी किया था।
विज्ञापन


इसके बाद राजस्थान पुलिस सोमवार को अहमदाबाद के सोला पुलिस स्टेशन उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिले और पुलिस वापस चली गई।

इसके बाद दोपहर ढाई बजे पता चला कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त तोगड़िया गुम हो गए हैं और वह किसी दाढ़ी वाले शख्स के साथ ऑटो-रिक्शा में जाते दिखे थे। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और कथित तौर पर दो-तीन मुस्लिम ऑटो-रिक्शावालों को पीटा भी।
विज्ञापन
विज्ञापन


साढ़े आठ बजे इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा को फोन आया कि कोतरपुर के पास एक शख्स बेहोशी की हालत में है। शाही बाग इलाके के चंद्रमणि अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों ने बताया है कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने अभी कोई बयान नहीं जारी किया है क्योंकि डॉक्टरों ने पुलिस को उनका बयान नहीं लेने दिया है।

15 दिनों में कई नोटिस

पिछले 15 दिनों में मैं देख रहा हूं कि उनके खिलाफ वॉरंट जारी होने के कई मामले सामने आए हैं। 1998 के एक मामले में कोर्ट ने 2017 में संज्ञान लेकर उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी किया था जिसमें वह पेश हुए। इसके बाद गंगापुर का वॉरंट आया और हरियाणा से भी उनके खिलाफ एक वॉरंट आ सकता है। तो पुराने मामले उनके खिलाफ खुल रहे हैं।

यह संयोग भी हो सकता है, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि तोगड़िया की बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अनबन हो चुकी है। वीएचपी के कार्यकारी प्रमुख के चुनाव में जब वह लड़े तो कहा जाता है कि संघ और बीजेपी का एक गुट मानता था कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।

लेकिन भुवनेश्वर की मीटिंग में उन्होंने शक्ति प्रदर्शन करते हुए दिखाया कि वीएचपी के 70 फीसदी लोग उनके साथ हैं। आरएसएस ने इसके बाद उन्हें तीन साल के लिए कार्यकारी प्रमुख बना दिया।

बीजेपी नेताओं से क्या मतभेद?

कहा जाता है कि तोगड़िया के बीजेपी नेताओं से काफी वैचारिक मतभेद हैं। तोगड़िया राम मंदिर से लेकर धारा 370 और समान आचार संहिता तक पर काफी मुखर होकर बोलते हैं। पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने कहा था कि राम मंदिर निर्माण के लिए मोदी सरकार को एक बिल संसद में लेकर आना चाहिए। छह मुद्दों पर उन्होंने मोदी सरकार को चुनौती देने की कोशिश की थी।

राम मंदिर के अलावा इन मुद्दों में रोजगार, किसान संबंधी मुद्दे भी थे। उनका कहना है कि तीन तलाक पर ही केवल मोदी सरकार को मुखर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा वह सार्वजनिक रूप से काफी मुखर रहे हैं।

कितने मजबूत तोगड़िया?
तोगड़िया अब इतने मजबूत नहीं हैं कि उनसे डरा जाए। लेकिन वह भी शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे बीजेपी नेताओं की फेहरिस्त में हैं जो सरकार को चुनौती देते रहते हैं। साथ ही वह सरकारी नीतियों के खिलाफ खुलकर बोलते हैं। बीजेपी में उनका बहुत बड़ा प्रभाव हो ऐसा दिखता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed