{"_id":"62bddace63019d12d52d8840","slug":"group-of-afghan-sikhs-arrives-in-india-with-ashes-of-man-killed-in-kabul-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"Afghan Sikhs: सविंदर सिंह की अस्थियां लेकर भारत पहुंचे 11 अफगान सिख, गुरुद्वारे पर हमले में मारे गए थे ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Afghan Sikhs: सविंदर सिंह की अस्थियां लेकर भारत पहुंचे 11 अफगान सिख, गुरुद्वारे पर हमले में मारे गए थे
Thu, 30 Jun 2022 10:48 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 30 Jun 2022 10:48 PM IST
सार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा इंडियन वर्ल्ड फोरम और भारत सरकार के समन्वय से अफगान सिखों को लाने की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
काबुल आतंकी हमले के पीड़ित परिवार से मिलते एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
11 अफगान सिख गुरुवार को काबुल में एक गुरुद्वारे पर हमले में मारे गए सविंदर सिंह की अस्थियां लेकर भारत पहुंचे। उन्हें लाने के लिए भारत सरकार के साथ समन्वय करने वाले लोगों ने यह जानकारी दी। इन्होंने कहा कि गुरुवार को यहां 11 अफगान सिख पहुंचे। हमारी टीम उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थी। अफगान समुदाय के नेता चाईबल सिंह ने बताया कि उनकी उड़ान दोपहर एक बजे उतरी और उसके बाद उन्हें तिलक नगर स्थित गुरुद्वारा गुरु अर्जन देव ले जाया गया। उन्होंने कहा कि अफगान सिखों को इस टीम ने गुरुद्वारे में हर तरह की मदद मुहैया कराई है।
विज्ञापन
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा इंडियन वर्ल्ड फोरम और भारत सरकार के समन्वय से अफगान सिखों को लाने की व्यवस्था की गई थी। एसजीपीसी ने उनकी यात्रा का खर्च वहन किया। यह भारत में पुनर्वास चाहने वालों को वित्तीय सहायता भी देगा। सरकार ने 19 जून को अफगानिस्तान के 111 हिंदुओं और सिखों को आपातकालीन ई-वीजा प्रदान किया था, इसके कुछ घंटे बाद एक आतंकवादी समूह ने अफगानिस्तान में करता परवान गुरुद्वारे पर हमला किया, जिसमें सविंदर सिंह सहित दो लोग मारे गए। सविंदर सिंह काबुल में पान की दुकान चलाता था और गुरुद्वारे में रहता था। उनका परिवार दिल्ली में रहता है।
विज्ञापन