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निपटारा: शत्रु संपत्तियों को बेचकर एक लाख करोड़ कमाएगी सरकार
Thu, 25 Nov 2021 06:26 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 25 Nov 2021 06:26 AM IST
सार
सरकार के इस कदम को विभाजन के दौरान व 1962 के युद्ध के बाद देश छोड़कर गए लोगों की चल-अचल संपत्ति का मुद्रीकरण करने की नई कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकार ने देश में मौजूद शत्रु संपत्तियों के निपटारे के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का पुनर्गठन किया है। यह संपत्तियां भारत छोड़कर पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों से जुड़ी हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक, समिति 12,600 से अधिक अचल शत्रु संपत्तियों का निपटारा करेगी। इससे सरकारी खजाने को एक लाख करोड़ रुपये तक मिलेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी समिति का नेतृत्व करेंगे। सरकार के इस कदम को विभाजन के दौरान व 1962 के युद्ध के बाद देश छोड़कर गए लोगों की चल-अचल संपत्ति का मुद्रीकरण करने की नई कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां
सरकारी आंकड़ों के हिसाब से, पाक नागरिकता ले चुके लोग 12,485 शत्रु संपत्ति छोड़ गए जबकि चीनी नागरिकता वालों ने 126 शत्रु संपत्ति छोड़ी थी। राज्यवार देखें तो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा, 6,255 शत्रु संपत्तियां संपत्तियां हैं। इसके बाद, पश्चिम बंगाल (4,088), दिल्ली (658), गोवा (295), महाराष्ट्र (207), तेलंगाना (158), गुजरात (151), त्रिपुरा (105) और बिहार (94) में मौजूद हैं।
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अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी होंगे अध्यक्ष
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अतिरिक्त सचिव रैंक के एक अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं, एक सदस्य सचिव के अलावा विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों से पांच सदस्य शामिल किए जाएंगे।
यह समिति शत्रु संपत्ति के निपटारे या उसके निपटान तरीके के बारे में और इससे जुड़े विषयों पर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी। सिफारिशों में केंद्रीय विभाग द्वारा शत्रु संपत्ति की बिक्री, उपयोग या हस्तांतरण शामिल हो सकता है। अब तक 2,700 करोड़ की चल संपत्ति का निपटारा किया जा चुका है।