{"_id":"57ba8d804f1c1bf654d4f65f","slug":"government-should-find-ways-to-get-back-pak-china-occupied-kashmir-says-mohan-bhagwat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संघ प्रमुख बोले, पाकिस्तान-चीन से अपना कश्मीर वापस लेने की कोशिश करे भारत","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
संघ प्रमुख बोले, पाकिस्तान-चीन से अपना कश्मीर वापस लेने की कोशिश करे भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:07 AM IST
विज्ञापन
मोहन भागवत
- फोटो : ब्यूरो/ आगरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संघ प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि भारत को चीन और पाकिस्तान से अपना कश्मीर वापस लेने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार चीन और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लाने के रास्ते तलाश लेगी। संघ प्रमुख ने ये बातें आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
संघ के मुखिया ने कहा कि कश्मीर में अलगाववादियों के पास वहां के जनमानस का समर्थन नहीं है। भागवत ने कहा, 'कश्मीर घाटी में आतंकियों का आतंक हावी है। राज्य और केंद्र सरकार को प्रभावी ढ़ंग से इसका सामना करना होगा।' भागवत ने कश्मीर को एक राष्ट्रीय समस्या बताते हुए कहा कि लोगों को इससे निपटने के लिए एकजुट होना होगा।
विज्ञापन
संघ के मुखिया ने कहा कि कश्मीर में अलगाववादियों के पास वहां के जनमानस का समर्थन नहीं है। भागवत ने कहा, 'कश्मीर घाटी में आतंकियों का आतंक हावी है। राज्य और केंद्र सरकार को प्रभावी ढ़ंग से इसका सामना करना होगा।' भागवत ने कश्मीर को एक राष्ट्रीय समस्या बताते हुए कहा कि लोगों को इससे निपटने के लिए एकजुट होना होगा।
विज्ञापन
यूपीए पर भागवत का निशाना
संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
भागवत ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वाजपेयी की कश्मीर नीति को आगे बढ़ाया जाता, तो कश्मीर की समस्या सुलझ गई होती। भागवत ने कहा कि विकास की गति तेज करने और कश्मीरियों के घाव भरने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा, 'वहां पाकिस्तान में रोज जो भी कुछ हो रहा है, वह कश्मीरी भाई अच्छी तरह जानते हैं। ऐसे में यह हमारी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह वहां ऐसा माहौल बनाए जिससे कि कश्मीरी भारत से जुड़े रहना चाहें।'