यूपी के सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने केंद्र से मिलाया हाथ
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यूपी के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। इसके लिए योगी सरकार ने एचआरडी मिनिस्ट्री से हाथ मिलाया है। यह पहली बार है जब किसी प्रदेश सरकार ने केंद्र के साथ करार किया है। यूपी में इस वक्त 2.56 लाख स्कूल हैं, जिनमें 4.84 करोड़ बच्चे पढ़ते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार ने इसके लिए एक ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया है। इस ब्लू प्रिंट के मुताबिक, जिलेवार शिक्षा के स्तर और स्कूलों में मौजूद इन्फ्रास्ट्रकचर को डेवलप किया जाएगा, जहां पर 25 फीसदी से कम है।
इसके अलावा बच्चों की आधार नंबर से ट्रेकिंग और शिक्षकों के लिए बॉयोमेट्रिक सिस्टम के तहत हाजिरी ली जाएगी, जिससे गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों पर नकेल कसी जा सके।
ब्लूप्रिंट के मुताबिक, उन बीएड संस्थानों को भी बंद किया जाएगा जिनकी ट्रेनिंग का स्तर काफी पुराना है। इसके अलावा तीसरी क्लास से लेकर के 10वीं के छात्रों के लिए गर्मियों की छुट्टियों में समर कैंप शुरू करना शामिल हैं। यूपी बोर्ड द्वारा घोषित होने वाले रिजल्ट को सुधारने के लिए तैयारी की जाएगी।
इस ब्लू प्रिंट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एचआरडी मिनिस्ट्री के बीच बैठक हो चुकी है और इस पर काम करने के लिए सहमति बन चुकी है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर हुआ गौर
केंद्र और राज्य सरकार ने जिन प्रमुख बिंदुओं पर गौर किया है छात्रों की स्कूलों में कम संख्या, स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या, शिक्षा के स्तर में कमी, छात्रों का गैरहाजिर रहना शामिल है।
2.55 लाख स्कूलों में 66.81 फीसदी स्कूलों को अनुदान मिलता है, जिनमें केवल 46.6 फीसदी बच्चे पढ़ने आते हैं। यह राष्ट्रीय औसत 66.22 फीसदी से काफी कम है।
यूपी में करीब 16.12 लाख (27 फीसदी) ऐसे बच्चे हैं, जो स्कूल में पढ़ने नहीं जाते हैं। इसके अलावा 44 फीसदी ऐसे छात्र हैं जो प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं और प्रतिदिन गैरहाजिर रहते हैं।