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खुशखबर: अब स्थानीय भाषाओं में हो सकती हैं बैंक और अन्य परीक्षाएं
Thu, 27 Jun 2019 02:14 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 27 Jun 2019 02:14 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैंक में भर्ती परीक्षा और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषा में कराने की कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों के सांसदों की मांग पर सरकार विचार कर रही है। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा कांग्रेस के जी सी चंद्रशेखर ने उठाया था। बैंक में भर्ती परीक्षा और अन्य परीक्षाएं स्थानीय भाषा में कराने का अनुरोध कर रहे चंद्रशेखर ने अपनी बात कन्नड़ भाषा में रखी।
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सभापति एम वेंकैया नायडू ने कन्नड़ में बोली गई, चंद्रशेखर की पंक्तियों का अनुवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य अपनी स्थानीय भाषा में या मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा में सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं तो उनके लिए इसकी सूचना पहले देना आवश्यक होता है ताकि अनुवाद के लिए व्यवस्था की जा सके।
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चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाएं अंग्रेजी और हिंदी में ली जानी चाहिए। साथ ही स्थानीय प्रतिभागियों की सुविधा को देखते हुए इन परीक्षाओं का आयोजन कन्नड़ भाषा में भी किया जाना चाहिए।
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इस पर सदन में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकसभा के भी कुछ सांसद इस मुद्दे पर उनसे मिले थे। यह मुद्दा उन सभी राज्यों से संबद्ध है जिनकी अपनी भाषा है। सीतारमण ने कहा ‘यह गंभीर चिंता का विषय है। मैं इसे देख रही हूं और इस पर विचार करने के बाद मैं सदन को अवगत कराऊंगी।’