फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   government going in wrong direction, Suicide by farmers is a sensitive matter: SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, किसान आत्महत्या पर गलत दिशा में है सरकार

Fri, 03 Mar 2017 09:04 PM IST
amarujala.com- presented by: मोहित
amarujala.com- presented by: मोहित Updated Fri, 03 Mar 2017 09:04 PM IST
विज्ञापन
government going in wrong direction, Suicide by farmers is a sensitive matter: SC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

किसानों की खुदकुशी के मामले में केंद्र सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुआवजे की व्यवस्था करने की बजाए सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी किसान खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाने पर मजबूर न हो।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार से कहा कि कि ऐसी योजनाएं बनाई जानी चाहिए जिससे किसान खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर न हो। पीठ ने सरकार से कहा, हमें लगता है कि आप गलत दिशा में जा रहे हैं। 
विज्ञापन


किसान कर्ज लेते हैं लेकिन उसे चुका नहीं पाते। लिहाजा वे खुदकुशी कर लेते हैं और आप उनके परिवारवालों को मुआवजा देते हैं। लेकिन हमारा मानना है कि  पीड़ित परिवार को मुआवजा देना समाधान नहीं है बल्कि खुदकुशी को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जमीनी स्तर पर किसानों की स्थिति बहुत खराब

government going in wrong direction, Suicide by farmers is a sensitive matter: SC

पीठ ने सरकार से कहा कि योजना इस बात को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए कि आखिरकार किसान खुदकुशी क्यों कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि खुदकुशी को पूरी तरह रोका जाए।  इस पर सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिंहा ने पीठ से कहा कि सरकार की ओर से कई नई योजनाएं लेकर आ रही है। 

इनके जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति कर्ज न अदा करने की स्थिति में खुदकुशी जैसा कदम उठाने पर मजबूर न हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि वित्तीय कारणों के कारण ही सभी किसान खुदकुशी करते हैं। कई और दुखद कारणों की वजह से भी वे खुदकुशी करते हैं। 

वहीं याचिकाकर्ता एनजीओ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने कहा कि कई समितियों की सिफारिशोंऔर प्रस्तावों के बावजूद किसानों की अनदेखी हो रही है। पीठ ने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर किसानों की स्थिति बहुत खराब है। उन्हें परेशानी से जूझना पड़ा रहा है। 

पीठ ने कहा अगर फसल सरप्लस है, लेकिन उन्हें अच्छे पैसे नहीं मिल पाते। यह गंभीर विषय है। इस मसले पर वर्षों से बहस हो रही है। पीठ ने सरकार को इस संबंध में कुछ करने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से एक-एक कर समस्याओं का निदान किया जाएगा। अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed